5G बना एरोप्लेन की राह का रोड़ा! जानिए क्यों है इससे एयरलाइन सेफ्टी को खतरा

अंतरराष्ट्रीय

अमेरिका में 5G नेटवर्क के कारण एक नई समस्या खड़ी हो गई है. AT&T और Verizon अमेरिका में अपनी नई 5G सर्विस शुरू कर रहे है, जिसे लेकर US एविएशन सेक्टर परेशान है. अमेरिका के प्रमुख पैसेंजर और कार्गो एयरलाइन के चीफ एक्जीक्यूटिव ने 5G से जुड़े नए खतरे की चेतावनी दी है.

दरअसल, बुधवार से अमेरिका में C-बैंड 5G सर्विस शुरू हो रही है, जिसे लेकर एविएशन सेक्टर चिंतित हैं. एविएशन सेक्टर की मानें तो इस बैंड के कारण अमेरिका में एयरलाइन्स को खासी समस्या होने वाली है. एअर इंडिया ने भी अपनी कुछ फ्लाइट को रद्द कर दिया है, जबकि कुछ के समय में बदलाव किया है.

अमेरिका में साल 2021 में मिड-रेंज 5G बैंड की निलामी मोबाइल फोन कंपनियों को हुई. यह बैंड 3.7 से 3.98GHz के रेंज में आते हैं, जिन्हें C-बैंड कहा जाता है. इनकी निलामी लगभग 80 अरब डॉलर में हुई थी.

US Federal Aviation Administration (FAA) ने चेतावनी दी है कि नई 5G टेक्नोलॉजी Altimeters जैसे एविएशन इंस्ट्रूमेंट्स में इंटरफेयर कर सकती है, जिसका इस्तेमाल जमीन से एरोप्लेन की ऊंचाई मापने के लिए किया जाता है.

Altimeters 4.2 से 4.4GHZ की रेंज में काम करते हैं और यही एविएशन सेक्टर की चिंता की वजह है. चूंकि, नए 5G स्पेक्टर्म की फ्रीक्वेंसी इन इंस्ट्रूमेंट्स की रेंज के बहुत करीब है, इसलिए इनके काम करने में दिक्कत हो सकती है.

बता दें कि जितनी ज्यादा फ्रीक्वेंसी का स्पेक्ट्रम होगा, उतनी ही ज्यादा स्पीड मिलेगी. इसलिए ऑपरेटर्स 5G की फुल वैल्यू के लिए हाई फ्रीक्वेंसी पर ऑपरेट करेंगे, जिसकी वजह से परेशानी होगी. कुछ C-बैंड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल सैटेलाइट रेडियो के लिए किया जाता था, लेकिन 5G के कारण ट्रैफिक ज्यादा होगा.

हालांकि, Verizon और AT&T का कहना है कि लगभग 40 अन्य देशों में भी C-बैंड 5G नेटवर्क चल रहा है, लेकिन वहां एविएशन की कोई दिक्कत नहीं हो रही है. इंटरफेरेंस को कम करने के लिए अमेरिका के लगभग 50 एयरपोर्ट्स पर ऑपरेटर्स 6 महीने तक बफर जोन के लिए राजी हैं.

यूरोपीय यूनियन ने साल 2019 में मिड रेंज 5G बैंड्स की फ्रीक्वेंसी के लिए 3.4 से 3.8GHz की रेंज तय की है, जो अमेरिक में शुरू हो रही 5G सर्विस की रेंज से कम है. यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने 17 दिसंबर को कहा था कि यह समस्या अमेरिकी एयरस्पेस में ही है.

साउथ कोरिया में भी 5G नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी 3.42 से 3.7GHz तक सीमित है. यहां अप्रैल 2019 से 5G नेटवर्क काम कर रहा है और अब तक कोई दिक्कत सामने नहीं आई है. Verizon का कहना है कि वह कई सालों तक हायर बैंड के नजदीक के स्पेक्ट्रम इस्तेमाल नहीं करेंगे.