आंदोलन की चेतावनी के बाद पटरी पर 6 ट्रेनें, अभी भी 36 ट्रेनें कैंसिल

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन से रद्द की गई तीन जोड़ी ट्रेनों को फिर से बहाल कर दिया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस और सिकंदराबाद एक्सप्रेस शामिल हैं। हालांकि अभी भी 36 ट्रेनें कैंसिल होने से यात्रियों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। ट्रेनों को बहाल करने और यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी कुमार से बात की थी। इसके साथ ही कांग्रेस नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने ट्रेनें बहाल नहीं करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक ने 23 अप्रैल आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 23 एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों का परिचालन 24 अप्रैल से एक माह के लिए बंद कर दिया है। इससे पहले भी फरवरी में रेलवे ने रेल सुविधाओं के विस्तार सहित अलग​​-अलग कारणों 20 ट्रेनों को अप्रैल और मई तक रद्द कर किया है, जिसमें से कई ट्रेनें अभी तक शुरू नहीं की गई हैं। छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों को कैंसिल करने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कड़ी आपत्ति जताई थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव द्वारा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ट्रेनों का परिचालन पूर्ववत जारी रखने के लिए कहा था।

आप ने भी किया था विरोध
इधर, रेलवे बोर्ड के इस आदेश के बाद प्रदेश भर में विरोध शुरू हो गया था। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को DRM ऑफिस का घेराव कर नारेबाजी की थी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने ट्रेनें बहाल नहीं करने पर कोयले की सप्लाई रोकने की चेतावनी भी दी थी। इसके साथ ही शहर विधायक शैलेष पांडेय ने भी रेलवे महाप्रबंधक से मुलाकात कर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। शहर में AAP पार्टी ने भी ट्रेनों को बंद करने का विरोध शुरू कर दिया था। एक दिन पहले जिले के प्रभारी और राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने भी कलेक्टर के साथ DRM की बैठक बुलाई थी और रेलवे अफसरों पर नाराजगी जताते हुए जनप्रतिनिधियों की शीघ्र बैठक बुलाने को कहा था।

CM की चर्चा के बाद बहाल की गईं ट्रेनें
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी कुमार से चर्चा के ट्रेनों को शुरू करने सहमति जताई गई। इसके बाद देर शाम केन्द्रीय रेल मंत्री की ओर से छत्तीसगढ़ राज्य से गुजरने वाली छह प्रमुख यात्री ट्रेनों को बहाल करने की जानकारी दी गई। शुरू की गई ट्रेनों में 18237/18238 कोरबा-अमृतसर-कोरबा (छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस), 12807/12808 विशाखापटनम्-निजामुद्दीन-विशाखापटनम् (समता एक्सप्रेस) और 12771/12772 सिकंदराबाद-रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस शामिल हैं। ये छह ट्रेनें अप-डाउन मिलाकर है।

यात्रियों की समस्याएं नहीं हुई कम
रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद बिलासपुर जोन की छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-भगत की कोठी सहित जोन से गुजरने वाली भुवनेश्वर जोन और सिकंदराबाद जोन की 11 जोड़ी यानी 22 ट्रेनों को 24 अप्रैल से 23 मई तक के लिए रद्द कर दिया था। इससे पहले भी 20 ट्रेनों को रद्द किया गया था जो कि नहीं चल रहीं हैं। इनमें भी एक्सप्रेस, मेमू और लोकल ट्रेनें शामिल हैं। लगातार ट्रेनों को बंद किए जाने से प्रदेश में बवाल शुरू हो गया है। स्थिति यह है कि अब भी करीब 36 ट्रेनें कैंसिल है। जिसके परिचालन के अभाव में यात्रियों को दिक्कतें हो रही है।

कोरोनाकाल के बाद से बंद हैं 87 ट्रेनें
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन में कोरोना काल के बाद 243 में से 87 ऐसी ट्रेन हैं, जो अब तक पटरी पर नहीं आ पाई हैं। इसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे गंभीर नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि कोरोना संक्रमण के बाद स्थिति सामान्य होने के बाद भी कई ट्रेनें शुरू नहीं की जा रही हैं। इधर, रेलवे प्रशासन का दावा है कि 90 फीसदी ट्रेनों का परिचालन हो रहा है और प्रत्येक रेलवे स्टेशन में यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनें शुरू कर दी गई हैं। लेकिन, अभी भी छोटी स्टेशनों में ट्रेनों के स्टॉपेज की सुविधा नहीं है। वहीं, शुरू की गई ट्रेनों को अलग-अलग कारणों से बंद कर दिया गया है। इससे स्थानीय यात्रियों को ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं।