महाराष्ट्र के CM फडणवीस के सामने भूपति समेत 61 नक्सलियों का सरेंडर, छत्तीसगढ़ में डेढ़ करोड़ का इनामी था भूपति
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मोजुल्ला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा समेत 61 नक्सली मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने हथियार डाल दिए है। 15 अक्टूबर को उन्होंने आधिकारिक तौर पर सरेंडर किया। भूपति तेलंगाना के करीब नगर के निवासी हैं और 1980 के दशक से माओवाद संगठन के साथ जुड़े हुए थे। उन्हें छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों में मोस्ट वांटेड माना जाता था। छत्तीसगढ़ सरकार ने अकेले भूपति पर 1 से डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम रखा था, जबकि अन्य राज्यों को मिलाकर कुल इनाम राशि 6 करोड़ रुपए से अधिक है।
सरेंडर करने वाले नक्सली काली वर्दी पहनकर गढ़चिरौली पहुंचे। लगातार बढ़ते दबाव और सुरक्षा बलों की सक्रियता के कारण उन्होंने हथियार डालने का फैसला लिया। यह घटना 20 दिन पहले हुए बड़े सरेंडर के बाद हुई है, जब छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर 71 नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इसमें 21 महिलाएं और 50 पुरुष नक्सली शामिल थे, जिनमें 30 नक्सलियों पर 64 लाख रुपए का इनाम था।
#WATCH गढ़चिरौली, महाराष्ट्र: नक्सल कमांडर मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति ने गढ़चिरौली पुलिस मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कर दिया। आज लगभग 60 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। pic.twitter.com/8OOED8eYha
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 15, 2025
सरेंडर करने वाले नक्सली डिवीजन कमेटी मेंबर (DVCM) और एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रैंक के हैं और कई बड़ी मुठभेड़ों में भी शामिल रहे हैं। इसके अलावा, 23 सितंबर को सुरक्षाबलों ने नारायणपुर जिले में सेंट्रल कमेटी के दो माओवादी लीडर राजू दादा और कोसा दादा को मार गिराया था, जिन पर 1.8-1.8 करोड़ रुपए का इनाम था। ये दोनों नक्सली महराबेड़ा में 27 CRPF जवानों की हत्या और बुकिनतोर ब्लास्ट में चार जवानों की शहादत में शामिल थे।
इन नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में गंभीर मामले दर्ज हैं।
