दलाल को 5 हजार देकर भारत पहुंचा बांग्लादेशी, दुर्ग में 13 महीने से मजदूरी कर रहा था.. पकड़ाया
छत्तीसगढ़ : दुर्ग जिले में शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को जीआरपी पुलिस ने बिना वैध दस्तावेज के गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास पासपोर्ट, वीजा या भारत में रहने का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। जानकारी के मुताबिक, मुंबई पुलिस से मिली गोपनीय सूचना के बाद दुर्ग जीआरपी ने कार्रवाई की। गिरफ्त में आने के बाद अजमीन अलीम शेख (19 साल) ने पुलिस को बताया कि दलाल को 5 हजार देकर वह भारत पहुंचा था। 13 महीने से मजदूरी कर रहा था। 7 नवंबर को मुंबई पुलिस से दुर्ग जीआरपी को सूचना मिली थी कि एक बांग्लादेशी नागरिक, जो मुंबई में दर्ज मामले का आरोपी है, शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस से कोलकाता जा रहा है। वहां से वह बांग्लादेश भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही दुर्ग जीआरपी पुलिस ने तुरंत सतर्कता बरती और ट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचते ही प्लेटफॉर्म पर टीम तैनात कर दी। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पहुंची, जीआरपी की टीम ने एस-1 कोच में दबिश दी। यहां से पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसकी पहचान अजमीर शेख, निवासी बांग्लादेश के रूप में हुई।
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने ट्रेन का जनरल टिकट खरीदा था, बाद में टीटी से बात कर स्लीपर कोच (एस-1) में अपनी सीट बनवा ली थी। राजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी अजमीर शेख के पास किसी भी प्रकार का वैध दस्तावेज पासपोर्ट, वीजा या पहचान पत्र नहीं मिला। उसके खिलाफ मुंबई में पहले से एफआईआर दर्ज है। दुर्ग जीआरपी के द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने की सूचना मिलने पर मुंबई पुलिस की टीम छत्तीसगढ़ पहुंच गई।
मुंबई पुलिस फ्लाइट से रायपुर पहुंच चुकी है और अब सड़क मार्ग से दुर्ग रेलवे स्टेशन आ रही है। यहां औपचारिक पूछताछ और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को मुंबई पुलिस अपने साथ ले जाएगी।
