एक गलती से पकड़ाया वीरेंद्र तोमर, रायपुर में निकला जुलूस, ग्वालियर से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का चर्चित हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर वीरेंद्र तोमर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. वह पिछले छह महीने से फरार था. रायपुर पुलिस ने मोबाइल ट्रैकिंग और टॉवर डंप एनालिसिस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की और ग्वालियर में घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे रायपुर लेकर आई, जहां शहरभर में उसका जुलूस निकाला गया. वीरेंद्र तोमर को रविवार रात पुलिस कस्टडी में रखा गया. अब सोमवार को उसे फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा. वहीं पुलिस अब उसके भाई रोहित तोमर की तलाश में जुटी है, जो प्रॉपर्टी विवाद के एक केस में फरार बताया जा रहा है. वीरेंद्र तोमर पर रंगदारी, सूदखोरी, धमकी और आर्म्स एक्ट के कई केस दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि वह जरूरतमंद लोगों को ऊंचे ब्याज पर पैसे देता था और फिर रकम न लौटाने पर धमकी और मारपीट करता था. तेलीबांधा और पुरानी बस्ती थाने में उसके खिलाफ दर्ज केसों के बाद वह महीनों से फरार चल रहा था.

एसएसपी ने बताया कि तोमर ब्रदर्स को पकड़ने के लिए पुलिस टीम एमपी, यूपी और हरियाणा तक भेजी गई थी. कई हफ्तों की मोबाइल ट्रैकिंग और टॉवर डंप विश्लेषण के बाद आखिरकार ग्वालियर में उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया. इस कार्रवाई को रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है. गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने रायपुर में वीरेंद्र तोमर का जुलूस निकाला, तो वह नारा लगाता नजर आया– “अपराध करना पाप, कानून हमारा बाप.” यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोगों ने इसे ‘कानून के डर का प्रदर्शन’ और ‘पुलिस की सख्त कार्रवाई’ दोनों नजरिए से देखा. इस बीच, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या यह कार्रवाई जनता में विश्वास बहाल करने के लिए थी या सिर्फ पब्लिक शो? एसएसपी का कहना है कि यह कदम जनता को यह संदेश देने के लिए उठाया गया है कि रायपुर पुलिस अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस पर काम कर रही है.