पाकिस्तान में इमरान खान की बहनों को सड़क पर घसीटा, जेल में बंद भाई से मिलने नहीं दिया, जबरदस्ती हिरासत में लिया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और जेल में बंद इमरान खान की बहनों के साथ रावलपिंडी पुलिस ने बदसलूकी की। उन्हें सड़क पर घसीटा गया और जबरदस्ती हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब उनकी बहनें इमरान खान से होने वाली साप्ताहिक मुलाकात के लिए अडियाला जेल पहुंची थीं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। इमरान खान की पार्टी PTI ने X पोस्ट में कहा कि इमरान खान की बहनें अलीमा खान, नोरीन नियाजी और डॉ. उज्मा खान जेल के बाहर शांतिपूर्वक बैठी थीं, तभी पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर ले जाने की कोशिश की।

पार्टी ने आरोप लगाया कि सिर्फ खान की बहनें ही नहीं, बल्कि खैबर प्रांत की मंत्री मीना खान अफरीदी, सांसद शाहिद खट्टक और कई महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी पुलिस ने मारपीट की।

PTI ने कहा कि इमरान खान को उनके परिवार से मिलने का अधिकार अदालत ने दिया है, लेकिन सरकार इन मुलाकातों को जुल्म और दबाव का तरीका बना रही है। पार्टी की तरफ से पोस्ट किए गए एक वीडियो में अलीमा और उज्मा, नोरीन को संभालते दिखती हैं, जो बेहद घबराई हुई नजर आती हैं। अलीमा कहती हैं कि उन्हें सड़क पर घसीटा गया। एक और वीडियो में नोरीन बताती हैं कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनके बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोग शांतिपूर्वक बैठे थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अचानक ऐसा क्यों किया गया।

इमरान खान पर 100 से ज्यादा केस चल रहे हैं और वे अगस्त 2023 से जेल में हैं। भ्रष्टाचार मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई जा चुकी है, जिसमें सरकारी गिफ्ट (तोशाखाना केस) बेचने और सरकारी सीक्रेट लीक करने जैसे आरोप शामिल हैं। इमरान पर आरोप है कि उन्होंने अल-कादिर ट्रस्ट के लिए पाकिस्तान सरकार की अरबों रुपए की जमीन सस्ते में बेच दिया था। इस मामले में इमरान को 9 मई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पूरे मुल्क में फौज के कई अहम ठिकानों पर हमले हुए थे।​​​

पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट केस में दिसंबर 2023 में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी और अन्य 6 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया था। हालांकि जब इमरान के खिलाफ ये केस दर्ज हुआ, उससे पहले से ही वे तोशाखाना केस में अडियाला जेल में बंद थे। ​​​​