ये है दुनिया का सबसे बड़ा पेड़, ढंक लेगा पूरा शहर!
कई तरह के जंगल देखे होंगे. कोई जंगल कम पानी वाले पेड़ों से भरा होता है. किसी को रेन फॉरेस्ट कहा जाता है. लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि एक अकेला पेड़ पूरा जंगल बन जाए? जी हां, ऐसा सच में हो चुका है और वो भी ब्राज़ील में. इसका नाम है “काजू डो काजू” (Cajueiro da Praia) यानी काजू का सबसे बड़ा पेड़. ये दुनिया का एकमात्र “एक पेड़ वाला जंगल” है जो 8 हेक्टेयर यानी करीब 20 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है.
ये इतना बड़ा इलाका है कि इसमें कि इसमें अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टेडियम आराम से समा सकता है. ये पेड़ ब्राज़ील के रियो ग्रांडे डो नोर्टे राज्य के नताल शहर से सिर्फ 50 किलोमीटर दूर पिरांगी बीच के पास है. 1888 में एक मछुआरे ने सिर्फ दो काजू के पौधे लगाए थे. उनमें से एक पौधा बड़ा होते-होते अजीबोगरीब तरीके से फैलने लगा. आज वो दुनिया का सबसे बड़ा काजू का पेड़ है और गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी उसका नाम दर्ज है.
सामान्य पेड़ों की टहनियां नीचे की ओर झुकती हैं तो टूट जाती हैं, लेकिन इस पेड़ को एक दुर्लभ जेनेटिक म्यूटेशन है. इसकी शाखाएं जब जमीन को छूती हैं तो वहां से नई जड़ें निकल आती हैं और वो जगह नया तना बन जाता है. यानी ये पेड़ चलता-फिरता है. हर साल ये 6-8 मीटर और फैल जाता है. वैज्ञानिक इसे “फाइटोक्रोमल एक्सपैंशन” कहते हैं. इस पेड़ का क्षेत्रफल 8.5 हेक्टेयर (85,000 वर्ग मीटर) है. इसकी ऊंचाई औसतन 10-12 मीटर (कुछ जगह 15 मीटर तक) है और इसमें कुल 5000 से ज्यादा तने हैं. हर नई जड़ नया तना बनाती है. इसमें लगभग 80 लाख पत्तियां हैं. और एक पेड़ से हर साल 80,000 काजू (करीब 2.5 टन) पैदा होते हैं. पेड़ इतना घना है कि इसकी छांव में 7000 लोग एक साथ बैठ सकते हैं.
लोग इस पेड़ को “Tree of Laziness” भी कहते हैं क्योंकि इसकी छांव इतनी घनी और ठंडी है कि जो भी इसके नीचे लेटता है उसका उठने का मन ही नहीं करता. ये पेड़ पर्यटन का बड़ा केंद्र बन गया है. इस पेड़ के नीचे रेस्तरां, गिफ्ट शॉप, व्यू पॉइंट और वॉकवे बनाए गए हैं. हर साल 10 लाख से ज्यादा टूरिस्ट यहां आते हैं. ऊपर बने व्यूइंग डेक से देखो तो ऐसा लगता है जैसे हरा समुद्र फैला हो. लोकल लोग इसे “दुनिया का आठवां अजूबा” कहते हैं. हालांकि, इसपर खतरा भी मंडरा रहा है. इतना बड़ा होने की वजह से अब इस पेड़ की जड़ें पास की सड़कों और इमारतों को नुकसान पहुंचा रही है. कई बार इसकी शाखाएं कारों पर गिर चुकी है. वैज्ञानिक चिंता जता रहे हैं कि अगर यही रफ्तार रही तो 50 साल में ये पूरा नताल शहर निगल लेगा. फिर भी ये प्रकृति का सबसे खूबसूरत चमत्कार है. एक पेड़ ने साबित कर दिया कि जंगल बनाने के लिए हजारों पेड़ों की जरूरत नहीं, बस एक सही जेनेटिक कोड काफी है.
