संसद के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस… राष्ट्रपति मुर्मू ने किया 9 भाषाओं में संविधान के अनुवाद का लोकार्पण
देश आज 76वां संविधान दिवस मना रहा है. संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में खास कार्यक्रम आयोजित किया गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में ये कार्यक्रम हो रहा है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संविधान सभा को याद किया और राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अतिथियों का स्वागत किया. उन्होंने कहा, संविधान सभा का केंद्रीय कक्ष वह स्थान है, जहां संवाद और विचार मंथन के बाद संविधान को आकार दिया गया. जनता की आकांक्षाओं को ध्यान में रखा गया.
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, यह उन देशवासियों की सामूहिक बुद्धिमत्ता, त्याग और सपनों का प्रतीक है, जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई लड़ी. महान विद्वानों, ड्राफ्टिंग कमेटी और संविधान सभा के सदस्यों ने करोड़ों भारतीयों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए गहन और सुदूरदर्शी विचार दिए. उनके निःस्वार्थ योगदान ने भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है. उन्होंने आगे कहा, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद 2024 में हुए चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान ने दुनिया को एक बार फिर हमारे लोकतंत्र में विश्वास दिखा दिया. हाल ही में हुए बिहार चुनाव में खासकर महिलाओं के भारी उत्साह और बड़ी संख्या में मतदान ने मदर भारत के लोकतंत्र के मुकुट में एक और अनमोल हीरा जोड़ दिया है.
#WATCH दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “आज के दिन 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत संविधान के निर्माण का कार्य संपन्न किया था। आज के दिन उस पर हम भारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था। स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में… pic.twitter.com/vRsWcVD0KJ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 26, 2025
राष्ट्रपति ने संविधान को डिजिटल रूप से मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया, असमिया और मलयालम जैसी 9 भाषाओं में जारी किया. राष्ट्रपति ने संविधान के अनुवाद का लोकार्पण कर दिया है. उन्होंने कहा, आज का दिन पूरे देश संविधान निर्माताओं के प्रति आदर व्यक्त करते हैं.
