छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग का फैसला… RTE के तहत अब कक्षा पहली में ही प्रवेश, अब तक नर्सरी-केजी में होता था एडमिशन
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के अधिकार (RTE) एक्ट को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य के प्राइवेट स्कूलों में RTE एक्ट के तहत बच्चों का एडमिशन सिर्फ़ क्लास 1 में ही होगा. स्कूल शिक्षा विभाग ने इस प्रस्ताव को प्रशासनिक मंज़ूरी दे दी है. पहले RTE एक्ट के तहत नर्सरी और प्री-प्राइमरी क्लास में भी एडमिशन मिलते थे, लेकिन अब इसे बंद कर दिया गया है. यह नया नियम बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत लागू किया जाएगा. इस फैसले से प्राइवेट स्कूलों के एडमिशन प्रोसेस में एक बड़ा बदलाव आएगा. छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक नए आदेश के अनुसार, राज्य भर के प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के अधिकार (RTE) एक्ट के तहत बच्चों का एडमिशन अब सिर्फ़ क्लास 1 में ही सुनिश्चित किया जाएगा. अब बच्चों को RTE एक्ट के तहत सीधे क्लास 1 में एडमिशन मिलेगा. यह नई व्यवस्था आने वाले एकेडमिक सेशन से लागू होगी. अब तक, BPL (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों के बच्चों को नर्सरी या KG-1 जैसी एंट्री-लेवल क्लास में एडमिशन मिलता था
पहले से चले आ रहे सिस्टम के अनुसार कई प्राइवेट स्कूल आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चों को नर्सरी, KG-1, या प्री-प्राइमरी (PP-1) लेवल पर मुफ्त एडमिशन देते थे. हालांकि नए नियमों के तहत इन निचली क्लास (नर्सरी/PP-1) में एडमिशन का यह प्रावधान बंद कर दिया गया है. सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) की धारा 12(1)(c) के प्रावधानों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को प्रशासनिक मंज़ूरी दे दी है.इस फैसले से उन माता-पिता पर असर पड़ सकता है जो अपने बच्चों को प्री-प्राइमरी लेवल से प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिलाना चाहते थे. शिक्षा विभाग के इस कदम से आने वाले एकेडमिक साल के लिए एडमिशन प्रोसेस पूरी तरह बदल जाएगा.
