मुख्य सचिवों के सम्मेलन में पीएम मोदी का जोर, बोले—युवा हैं रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मुख्य सचिवों के सम्मेलन को संबोधित किया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ रखी गई थी। पीएम मोदी ने सम्मेलन से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा कि उन्होंने इस अवसर पर भारत को आत्मनिर्भर बनाने, गरीबों को सशक्त करने और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर अपने विचार रखे। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिवों का यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब देश अगली पीढ़ी के सुधारों के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है और इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन देश के युवा और हमारी डेमोग्राफी है। इसी वजह से सरकार का प्रयास इस जनसांख्यिकीय शक्ति को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में हर क्षेत्र में गुणवत्ता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गवर्नेंस, सर्विस डिलीवरी और मैन्युफैक्चरिंग में क्वालिटी को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने ‘मेड इन इंडिया’ को गुणवत्ता का पर्याय बनाने और ‘जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट’ के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत कर

प्रधानमंत्री ने गवर्नेंस और सेवा वितरण में नए वर्क कल्चर की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नवीनतम तकनीकों के एकीकरण पर चर्चा की गई। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट, उच्च शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, खेल और अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

पीएम मोदी ने राज्यों से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में सुधार करने और सर्विस सेक्टर को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत को एक ग्लोबल सर्विस जायंट बनाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में दुनिया का फूड बास्केट बनने की अपार क्षमता है। उन्होंने हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर, बागवानी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे भारत एक बड़ा फूड एक्सपोर्टर बन सकता है।