रायपुर सेंट्रल जेल से थोड़ी देर में रिहा होंगे चैतन्य, भूपेश बोले-जन्मदिन पर गिरफ्तारी, पोते के बर्थडे पर हो रही रिहाई
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग में आरोपी चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिली है.जिसके बाद वो 168 दिन बाद अपने घर पहुंचेंगे. शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उन्हें ईडी और ईओडब्लू में दर्ज मामलों में जमानत दी. चैतन्य बघेल पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे हैं,लिहाजा उनके भिलाई निवास में स्वागत की तैयारियां की गईं. 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था.हाईकोर्ट से जमानत के बाद उनके बेटे के जन्मदिन के दिन यानी 3 जनवरी को उनकी घर वापसी होगी. जिसे लेकर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. बेटे के घर आने पर उनके पिता भूपेश बघेल ने इसे कानून व्यवस्था पर भरोसा होना बताया,साथ ही साथ चैतन्य की गिरफ्तारी को षड़यंत्र करार दिया.
वहीं चैतन्य बघेल की जमानत को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बयान पर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि ये अच्छी बात है कि उन्होंने कानून पर भरोसा किया.सिर्फ कानून पर ही नहीं बल्कि चुनाव आयोग पर भी भरोसा करना चाहिए.जो भी न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में होगा उस पर वो निर्णय लेती है,उनके निर्णयों पर हम क्या कुछ कर सकते हैं.
ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी की थी. इस घोटाले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, मुख्यमंत्री की पूर्व उपसचिव रही सौम्या चौरसिया के साथ ही व्यवसायी अनवर ढेबर, सहित कई अफसरों के नाम हैं.चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग और कमीशन लेने के आरोप में 18 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया था.
एसीबी/ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार जांच से जुड़े एक मामले में उन्हें जेल में रहते हुए सितंबर 2025 में गिरफ्तार किया था. ईडी के अनुसार, राज्य में शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच तब हुआ जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी. 26 दिसंबर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने 29,800 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दायर की. जिसमें मनी लांड्रिंग के पुख्ता दस्तावेज मिलने का दावा किया गया.
आबकारी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने चैतन्य बघेल को मुख्य कड़ी माना था. इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव के पद पर तैनात सौम्या चौरसिया को आबकारी घोटाले में मिडिएटर की भूमिका के तौर पर शामिल किया था. DMF घोटाले में भी सौम्या चौरसिया की भूमिका संदेहास्पद रही है, जिस पर वह जमानत पर थीं, लेकिन 17 दिसंबर 2025 को आबकारी घोटाले में सौम्या चौरसिया को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया.
