मौलाना अरशद मदनी का भड़काऊ बयान, नफरती तकरीर.. हिंसा की तस्वीर
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि नफ़रत की राजनीति देश से वफ़ादारी नहीं, बल्कि उसके अमन और चैन से ग़द्दारी है। जो लोग धर्म के नाम पर नफ़रत फैलाते हैं, वे कभी धर्म के प्रतिनिधि नहीं हो सकते, क्योंकि धर्म हमेशा अमन, मोहब्बत और आपसी सम्मान का पैग़ाम देता है। आज हर व्यक्ति की ज़िम्मेदारी है कि वह सांप्रदायिकता के मुक़ाबले प्यार, एकता और भाईचारे को बढ़ावा दे, क्योंकि अगर आज ख़ामोशी इख़्तियार की गई, तो कल देश की शांति को ख़तरा हो सकता।
महाराष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति ने देश को आग के ढेर पर ला खड़ा किया है. अगर आज लोग चुप रहे तो आने वाले समय में देश की शांति और सौहार्द को गंभीर खतरा हो सकता है. मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सत्ता के नशे में कुछ सांप्रदायिक ताकतें संविधान को बदलने और देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने इसे देश को तबाही की ओर ले जाने वाला रास्ता बताया. उनका कहना था कि नफरत की राजनीति देश से वफादारी नहीं, बल्कि देश के अमन और चैन से गद्दारी है.
