वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे का निधन, स्कीइंग के दौरान घायल हुए थे अग्निवेश

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन हो गया है। अग्निवेश अमेरिका में स्कीइंग के दौरान घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 7 जनवरी 2026 को अस्पताल में ही उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। पिता अनिल अग्रवाल ने रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। अनिल ने लिखा, “हमें लगा था कि बुरा वक्त बीत चुका है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।” उन्होंने अपने बेटे को याद करते हुए इसे जीवन का सबसे अंधकारमय दिन बताया। वे बेटे से किए वादे को निभाते हुए अपनी निजी कमाई का 75% हिस्सा दान करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनिल अग्रवाल के पोस्ट रिप्लाई करते हुए X पर लिखा “अग्निवेश अग्रवाल का अचानक चले जाना बहुत झकझोर देने वाला और दुखद है। आपके इस भावुक संदेश से आपके गम की गहराई साफ दिख रही है। दुआ है कि आप और आपका परिवार लगातार हिम्मत और ताकत पाएं। ओम शांति।”

अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई अजमेर के मेयो कॉलेज से हुई थी। अग्निवेश अग्रवाल की शादी की जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी शादी 2001 में पूजा बांगर से हुई थी। पूजा, श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगर की बेटी हैं। उनकी बहन प्रिया अग्रवाल हेब्बर हैं, जो अभी हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन और वेदांता में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

अग्निवेश वेदांता की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड में थे। 2019 तक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के चेयरमैन भी रहे। उनके नेतृत्व में हिंदुस्तान जिंक ने माइनिंग की तकनीक को मॉडर्न बनाया, जिसे आज इंटरनेशनल बेंचमार्क माना जाता है। उन्होंने फुजैराह गोल्ड की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। फुजैराह गोल्ड संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित सोने और चांदी की एक बड़ी रिफाइनरी है। यह वेदांता ग्रुप का ही हिस्सा है, जिसे खड़ा करने और चलाने में अग्निवेश अग्रवाल का सबसे बड़ा हाथ था।

अग्निवेश अग्रवाल की नेटवर्थ का कोई आधिकारिक या सार्वजनिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। हालांकि, वे देश के सबसे अमीर परिवारों में से एक, अग्रवाल परिवार की अरबों की संपत्ति के वारिस थे। उनके पिता अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ करीब 27 हजार करोड़ रुपए है। अग्निवेश खुद भी एक इन्वेस्टर थे और मुख्य रूप से हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनियों में निवेश करते थे। अनिल अग्रवाल ने 1976 में स्क्रैप मेटल ट्रेडिंग से वेदांता की शुरुआत की थी। आज यह दुनिया की सबसे बड़ी नेचुरल रिसोर्स कंपनियों में से एक है। अग्निवेश ने अपने पिता की बनाई इस विरासत में ‘मॉडर्न मैनेजमेंट’ के गुर जोड़े थे।

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