रायपुर में मेगा ब्लूप्रिंट तैयार… 12,692 करोड़ से राजधानी बनेगी मेट्रो सिटी, सीएम साय ने बड़े प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप राजधानी रायपुर के व्यापक और जनकेंद्रित विकास के लिए आगामी 15 वर्षों का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए शहर को मेट्रो स्तर की आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शामिल हैं। बरसात में जलभराव और नालियों के ओवरफ्लो की समस्या को खत्म करने 1500 करोड़ की लागत से नया अंडरग्राउंड सीवरेज नेटवर्क तैयार होगा। इसका पूरा ड्राइंग-डिजाइन भी बनाया जाएगा ताकि भविष्य में अफसरों के बदलने पर भी सिस्टम की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध रहे। डूंडा में 100-150 एमएलडी क्षमता वाला आधुनिक फिल्टर प्लांट स्थापित होगा, जो आने वाले 14 वर्षों तक पेयजल की जरूरतें पूरी करेगा।
शहर के प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट को व्यावसायिक हब में बदला जाएगा, जिसमें मल्टी-फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है।
सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाएँ
156 करोड़ से टेमरी एक्सप्रेस-वे को वीआईपी रोड से जोड़ने फोरलेन सड़क
186 करोड़ से नया सड्डू-उरकुरा रोड
2040 तक शहरी सड़कों के लिए दीर्घकालिक योजना
बिजली की अंडरग्राउंड केबलिंग
450 करोड़ से पूरे शहर को अंडरग्राउंड केबलिंग सिस्टम मिलेगा, जिससे बिजली कटौती कम होगी और सुरक्षा बढ़ेगी।
रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 131 करोड़ की लागत से खारुन रिवर फ्रंट को शहर का नया आकर्षण बनाया जाएगा।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, रायपुर को मेट्रो के रूप में विकसित किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संचार, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि, ‘रायपुर के विकास में फंड की कमी नहीं होगी। तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण के लिए यह आवश्यक है।’ नगरीय निकायों को अब पहले की तुलना में ढाई गुना ज्यादा संसाधन दिए जाएंगे ताकि बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिल सके।
लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जल संसाधन, बिजली कंपनी, हाउसिंग बोर्ड, आरडीए सहित कई विभाग मिलकर अगले 15 साल में इन परियोजनाओं पर काम करेंगे।
