गरियाबंद अश्लील डांस कांड में एक्‍शन, SDM तुलसीदास मरकाम सस्‍पेंड

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से सामने आए अश्लील डांस मामले में मैनपुर के तत्कालीन SDM तुलसीदास मरकाम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. रायपुर संभागीय आयुक्त ने कड़े शब्‍दों में आदेश जारी किया है. यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के बाद हुई, जिसमें कथित तौर पर अश्लील नृत्य के दौरान SDM की मौजूदगी और निष्क्रियता सामने आई थी. जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे. जिस अधिकारी पर ऐसे आयोजनों को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, वही अधिकारी खुद नियमों की अनदेखी करता नजर आया था.

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि अश्लील नृत्य की जानकारी मिलने के बावजूद SDM ने कार्यक्रम रुकवाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. यही नहीं, मौके पर पहुंचने के बाद वे खुद कार्यक्रम में शामिल होते दिखाई दिए. इस पूरे घटनाक्रम ने शासन को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया. 14 जनवरी 2026 को अपर कलेक्टर गरियाबंद ने इस मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी थी. रिपोर्ट में SDM तुलसीदास मरकाम को कर्तव्य पालन में गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया. जांच में यह भी सामने आया कि कार्यक्रम में खुलेआम अश्लील नृत्य हुआ और प्रशासनिक अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया गया. जांच रिपोर्ट के मुताबिक यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के स्पष्ट रूप से खिलाफ है. रिपोर्ट मिलने के बाद रायपुर संभागीय आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया और अंतिम कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की.

रायपुर संभागीय आयुक्त एम.डी. कावरे ने जांच रिपोर्ट और SDM के असंतोषजनक जवाब के आधार पर सख्त फैसला लिया. पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और गरियाबंद जिले में अटैच किया गया था. लेकिन जवाब से संतुष्ट न होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. निलंबन के साथ ही SDM तुलसीदास मरकाम को बलौदाबाजार-भाटापारा जिला मुख्यालय कार्यालय से अटैच किया गया है. इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती और अनुशासन के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है.

गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के ग्राम उरमाल में 5 से 9 जनवरी 2026 तक नृत्य-नाटक-संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम के लिए तत्कालीन SDM मैनपुर तुलसीदास मरकाम ने प्रशासनिक अनुमति दी थी. कार्यक्रम के दौरान नियमों को ताक पर रखकर अश्लील नृत्य प्रस्तुत किया गया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो सामने आने के बाद मामला प्रशासन और पुलिस तक पहुंचा और पूरे जिले में हड़कंप मच गया.

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि अश्लील डांस की सूचना मिलने के बाद SDM मौके पर पहुंचे जरूर, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम को तत्काल बंद नहीं कराया. आरोप है कि वे अश्लील डांस रोकने की बजाय मंच के पास मौजूद रहे और कार्यक्रम का आनंद लेते दिखे. इसी दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो बाद में वायरल हो गया. वीडियो वायरल होते ही प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे और कलेक्टर स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई.