पहली बार ₹3 लाख के पार पहुंची चांदी, जानें अचानक क्यों उछले भाव?

सोना और चांदी के दामों में गिरावट की उम्मीदें पूरी तरह गलत साबित होती दिख रही हैं। दोनों कीमती धातुएं लगातार नए रिकॉर्ड बना रही हैं। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को चांदी ने बाजार खुलते ही जबरदस्त तेजी दिखाई और 1 किलो चांदी की कीमत 3 लाख रुपये के पार पहुंच गई। यह पहला मौका है जब चांदी ने इतना ऊंचा स्तर छुआ है। वहीं सोने के दाम भी तेज बढ़त के साथ अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। MCX पर चांदी की कीमतों में तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही चांदी के भाव में करीब 13,500 रुपये की उछाल दर्ज की गई, जिसके बाद इसका नया ऑल-टाइम हाई स्तर करीब 3,01,315 रुपये प्रति किलो हो गया। इससे पहले शुक्रवार को चांदी का भाव लगभग 2,87,672 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। अगर किसी निवेशक ने पिछले 9 महीनों में शेयर या प्रॉपर्टी के बजाय चांदी में पैसा लगाया होता, तो उसे 200 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न मिल चुका होता। यानी पैसा लगभग तीन गुना हो गया है। खास बात यह है कि सिर्फ जनवरी महीने में ही चांदी की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। इस समय चांदी ने निवेश के लिहाज से बाकी सभी एसेट क्लास को पीछे छोड़ दिया है।

चांदी में आई इस तेज़ उछाल की बड़ी वजह अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुछ आक्रामक नीतियों के कारण हालात बिगड़े हैं। ट्रंप ने फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन समेत कई यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर भारी आयात शुल्क लगाने का ऐलान किया है। खबरों के मुताबिक, 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लागू हो सकता है, जो जून तक बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

यूरोपीय देश भी अमेरिका की इस कार्रवाई का जवाब देने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोपियन यूनियन अमेरिका के खिलाफ अपने सख्त आर्थिक कदमों का इस्तेमाल कर सकती है। इसके तहत अमेरिकी सामान पर करीब 93 अरब यूरो का जवाबी टैक्स लगाने पर विचार किया जा रहा है। इस खींचतान से ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। जब भी दुनिया में ट्रेड वॉर या बड़े देशों के बीच तनाव बढ़ता है, तो निवेशक शेयर और करेंसी से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर जाते हैं। यही वजह है कि इस समय सोने और चांदी में भारी निवेश हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना, चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका की नीतियों और बढ़ते कर्ज के कारण डॉलर पर निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। इसी वजह से लोग सरकारी बॉन्ड और करेंसी से दूरी बनाकर कीमती धातुओं को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। अगर अमेरिका और यूरोप के बीच यह तनाव जल्द नहीं सुलझा, तो आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतें और नए रिकॉर्ड बना सकती हैं।

 

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