CGMSC घोटाला… कार्टेल बनाकर टेंडर, 3 गुना कीमत में सप्लाई, 3 और अरेस्ट
CGMSC घोटाले (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड) में ईओडब्ल्यू एसीबी ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है. EOW और एसीबी ने कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. तीनों आरोपियों पर सरकार को साढ़े पांच करोड़ की आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप. इसके पहले ब्यूरो की टीम ने दुर्ग स्थित मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था. ईओडब्ल्यू एसीबी की टीम ने सोमवार को जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उसमें रिकॉर्ड्स और मेडिकेयर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड पंचकुला के डायरेक्टर अभिषेक कौशल शामिल हैं. इसके अलावा श्री शारदा इंडस्ट्रीज रायपुर के प्रोपराइटर राकेश जैन और रिकॉर्ड्स एंड मेडिकेयर सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के लाइजनर प्रिंस जैन शामिल है. छत्तीसगढ़ की जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू और एसीबी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है. इस विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य में आम जनता को मुफ्त जांच सुविधा देने के लिए चलाई जा रही हमर लैब योजना के तहत मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में भारी गड़बड़ी की गई है. जांच के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में मोक्षित कॉरपोरेशन को लाभ पहुंचाने के लिए रिकॉर्ड्स में हेर फेर किए गए. मेडिकेयर सिस्टम और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर में भाग लिया था. टेंडर प्रक्रिया के दौरान तीनों फार्मो ने अपनी मिली भगत कर प्रतिस्पर्धा को प्रभावित किया और कार्टेल बनाकर एक जैसे पैटर्न में टेंडर भरे गए.
जांच में यह भी पाया गया कि उत्पादों का विवरण पैक साइज रीजेंट और कंज्यूमेबल्स की जानकारी तीनों फार्मो की ओर से लगभग एक जैसी दी गई थी. दर भी सामान्य पैटर्न में कोट की गई थी. जिसमें सबसे कम दर मोक्षित कॉरपोरेशन ने और उसके बाद आरएमएस और श्री शारदा इंडस्ट्रीज की दरें थी. इस मिली भगत के चलते मोक्षित कॉरपोरेशन ने सीजीएमएससी को एमआरपी से तीन गुना ज्यादा कीमत पर सामग्री की आपूर्ति की. जिससे शासन को लगभग साढ़े पांच करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ.
ईओडब्ल्यू और एसीबी ने पकड़े गए तीनों आरोपियों को सोमवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के स्पेशल कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड दे दी गई है. EOW और एसीबी ने बताया कि जनहित से जुड़ी हमर लैब योजना में शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. साक्ष्य के आधार पर दोषियों के खिलाफ और कार्रवाई होगी.
