अमेरिका में 2 साल की बच्ची को हिरासत में लिया, कार में थी, अफसरों ने गाड़ी रोकी, पिता के साथ पकड़ लिया
अमेरिका के मिनियापोलिस में गुरुवार को एक 2 साल की बच्ची को उसके पिता के साथ इमिग्रेशन एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हिरासत में ले लिया। यह जानकारी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने दी है। एल्विस जोएल टिपान-एचेवेरिया और उनकी 2 साल की बेटी क्लोए रेनाटा टिपान विलासिस को उस समय रोका गया, जब वे किराने का सामान लेकर घर लौट रहे थे। इसके बाद दोनों को साउथ मिनियापोलिस ले जाया गया। मिनियापोलिस सिटी काउंसिल के मेंबर जेसन चावेज ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि एक संदिग्ध गाड़ी ने पिता की कार का पीछा किया, उनकी कार का शीशा तोड़ा गया और पिता-बच्ची को पकड़ लिया। इस दौरान कोई वारंट नहीं दिखाया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा था कि बच्ची को तुरंत रिहा किया जाए, लेकिन इसके बाद भी पिता और बच्ची दोनों को टेक्सास भेज दिया गया। परिवार की वकील किरा केली ने शुक्रवार को बताया कि बच्ची अब हिरासत से बाहर है और इस घटना से उबर रही है। होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) ने कहा कि पिता बच्ची के साथ गलत तरीके से गाड़ी चला रहे थे। विभाग के मुताबिक, टिपान-एचेवेरिया इक्वाडोर के नागरिक हैं, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं और उन्होंने कानून तोड़ा है। विभाग ने कहा कि बच्ची की देखभाल की गई क्योंकि मां ने उसे अपने साथ लेने से इनकार कर दिया था। बाद में पिता और बच्ची को एक फेडरल सेंटर में दोबारा मिलाया गया।
DHS ने कहा कि टिपान-एचेवेरिया ने कार का दरवाजा खोलने या शीशा नीचे करने से मना कर दिया था, जबकि उन्हें कानूनी आदेश दिए गए थे। विभाग के मुताबिक, एजेंट्स ने बच्ची को मां को सौंपने की कोशिश की, लेकिन मां ने उसे लेने से मना कर दिया।
इस दौरान करीब 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ वहां जमा हो गई और ICE एजेंटों को जाने से रोक दिया। भीड़ ने एजेंटों और बच्ची की ओर पत्थर और कूड़ेदान फेंके, जिसके बाद हालात काबू में किए गए। क्लोए हाल के हफ्तों में ICE द्वारा हिरासत में ली गई पांचवीं बच्ची है। इससे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इमिग्रेशन नीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।
यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन मेट्रो सर्ज’ के तहत की जा रही है। यह एक बड़ा इमिग्रेशन ऑपरेशन है, जिसे ICE और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन मिलकर चला रहे हैं। यह ऑपरेशन दिसंबर 2025 से शुरू हुआ था। यह ऑपरेशन मुख्य रूप से मिनेसोटा, खासकर मिनियापोलिस-सेंट पॉल इलाके में चलाया जा रहा है। जनवरी 2026 तक इसमें करीब 3,000 एजेंट शामिल थे। इस ऑपरेशन पर हर हफ्ते करीब 18 मिलियन डॉलर खर्च हो रहे हैं। हाल के हफ्तों में एजेंट्स ने बिना किसी वारंट के लोगों के घरों में घुसने की भी कोशिश की है। इमिग्रेंट लॉ सेंटर ऑफ मिनेसोटा की पॉलिसी डायरेक्टर जूलिया डेकर ने कहा कि सरकार खुद को कानून से ऊपर समझने लगी है।
