शराब घोटाला…1 साल बाद रिहा हुए लखमा, फूल-मालाओं से स्वागत, सड़कों पर लगा रहा जाम

शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा 379 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए हैं। लखमा के जेल से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं-नेताओं ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन से गले मिले। जेल से बाहर आते ही उन्होंने न्यायपालिका को बधाई दी और कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है. इस दौरान लखमा ने उपमुख्यमंत्री अरूण साव का नाम लेते हुए उनके समर्थन में दिए गए बयान के लिए धन्यवाद कहा. साथ ही बस्तर, जंगल और जमीन के अधिकारों की लड़ाई को आखिरी सांस तक जारी रखने का संकल्प दोहराया.

शराब घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद, करीब एक साल बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा, पूर्व मंत्री ने इसे न्यायपालिका की जीत बताया. जेल से बाहर आते ही उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

कवासी लखमा ने कहा कि एक गरीब आदिवासी परिवार से आने वाले, बस्तर की आवाज उठाने वाले व्यक्ति को एक साल तक जेल में रखा गया, मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था.उन्होंने कहा—“दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. आने वाले समय में भी मुझे न्यायपालिका से पूरी उम्मीद है. लखमा ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं का नाम लेते हुए कहा, कठिन समय में पार्टी उनके साथ खड़ी रही. उन्होंने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया. साथ ही कोंटा विधानसभा, बस्तर की जनता, किसान-मजदूरों और समर्थकों के प्रति आभार जताया.

कवासी लखमा ने दो टूक कहा कि “जब तक जिंदा रहूंगा, बस्तर के जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ता रहूंगा. जब तक हाथ चलेगा, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा.” उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद बस्तर जाकर वहां आए बदलावों को खुद देखेंगे.

बजट सत्र में शामिल होने को लेकर लखमा ने कहा कि वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर अनुमति मांगेंगे. उन्होंने कहा कि मैं छह बार का विधायक हूं. एक साल विधानसभा से दूर रहने का दुख निजी नहीं, बल्कि जनता का है. बस्तर और सरगुजा के आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और जंगल-जमीन के मुद्दे विधानसभा में उठाना चाहता हूं.

लखमा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अरूण साव जो हाईकोर्ट के वकील रह चुके हैं और छत्तीसगढ़िया हैं, जिन्होंने उनके समर्थन में बयान दिया था इसके लिए वे उनका आभार जताते हैं. उन्होंने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनता को भी धन्यवाद कहा.