इटली में मिला 8 करोड़ साल पुराना ‘टाइम कैप्सूल’
इटली के पहाड़ों में घूम रहे कुछ ट्रैकर्स को एक ऐसी चीज मिली है जिसने विज्ञान की दुनिया को हैरान कर दिया है. एड्रियाटिक तट के पास मोंटे कोनेरो की पहाड़ियों में एक विशाल चट्टान पर 8 करोड़ साल पुराने समुद्री कछुओं के पैरों के निशान मिले हैं. यह कोई साधारण खोज नहीं है क्योंकि आमतौर पर पैरों के निशान समुद्र के अंदर नहीं बल्कि सूखी मिट्टी पर मिलते हैं. पर्वतारोहियों को पहाड़ों के ऊपर एक ऐसी शिला मिली जो दिखने में गीले सीमेंट जैसी थी लेकिन छूने पर लोहे जैसी सख्त निकली. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह चट्टान करोड़ों साल पहले समुद्र का तल हुआ करती थी. उस समय वहां की मुलायम मिट्टी पर कछुओं ने अपने चप्पू जैसे पंखों से निशान छोड़े.
रिसर्च टीम का मानना है कि इन निशानों के पीछे एक रोमांचक घटना छिपी है. करीब 8 करोड़ साल पहले एक बड़े भूकंप ने समुद्र के तल को हिला दिया होगा. भूकंप के झटकों के दौरान समुद्री जीव या कछुए उस मुलायम कीचड़ पर चले होंगे. इसके तुरंत बाद गाद की एक भारी परत ने इन निशानों को ढंक लिया जिससे वे टाइम कैप्सूल की तरह जम गए और आज तक बचे रहे.
चट्टान पर बने ये निशान चप्पू (Oar) के आकार के हैं. हालांकि वैज्ञानिक किसी खास प्रजाति का नाम पक्के तौर पर नहीं बता सकते लेकिन निशानों की बनावट प्राचीन समुद्री कछुओं से पूरी तरह मेल खाती है. ये निशान हमें यह बताते हैं कि करोड़ों साल पहले ये जीव कहां मुड़े, कहां रुके और उनकी चाल कैसी थी. यह बिना हड्डियों के भी प्राचीन जीवन का एक बड़ा सबूत है.
इस खोज की सही उम्र का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने सूक्ष्म जीवाश्मों और पृथ्वी के चुंबकीय इतिहास की मदद ली. लैब टेस्ट से साफ हुआ कि ये निशान लेट क्रेटेशियस काल के हैं. पत्थरों के चुंबकीय गुणों की जांच करके वैज्ञानिकों ने साबित किया कि ये पैरों के निशान उस दौर के हैं जब पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुव आज की तुलना में बिल्कुल अलग दिशा में थे.
