इमाम बोले-जहां वंदे मातरम् अनिवार्य, वहां से बच्चों को निकालें, यह हमारी धार्मिक आजादी पर हमला, फैसला वापस ले सरकार

केंद्र सरकार ने 28 जनवरी को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम्’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने इस आदेश को इस्लाम विरोधी बताया है। उन्होंने कहा- यह आदेश हमारी धार्मिक आजादी पर हमला है। वंदे मातरम् में कहा गया है कि हिंदुस्तान की भूमि की हम पूजा करते हैं, लेकिन मुसलमान के लिए यह बिल्कुल भी सही नहीं है कि वह अल्लाह के साथ किसी और को शरीक कर अपनी पूजा में शामिल करे। हम कहेंगे कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, वहां से सभी मुसलमान अपने बच्चों को निकाल लें। हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते कि वह इस्लाम में रहकर किसी और खुदा की इबादत करे। यह फैसला कानून के खिलाफ है। मेरी सरकार से गुजारिश है कि अपना फैसला वापस ले।

इससे पहले भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद भी केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध जता चुके हैं। मसूद ने 12 फरवरी को कहा था- भारत एक प्रजातांत्रिक देश है। हमें संविधान के आर्टिकल 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार मिला हुआ है। वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर कोई झगड़ा नहीं है। विवाद केवल वंदे मातरम् की कुछ लाइनों को लेकर है, जो हमारी मजहबी आजादी पर अंकुश लगाती हैं। जो लोग आज वंदे मातरम् पर बहस कर रहे हैं, वही सबसे ज्यादा संविधान का मजाक उड़ाते हैं। मसूद ने कहा- हमने पहले भी वंदे मातरम् की कुछ लाइनों पर एतराज जताया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस नए कानून की स्टडी कर रहा है। जब तक बोर्ड अपनी राय नहीं बना लेता, तब तक हम कोई निर्णय नहीं लेंगे।

कांग्रेस विधायक के इस बयान पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा- जो भी राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र का कानून मानना ही होगा। चाहे मदरसा हो या कोई अन्य स्कूल, सभी को वंदे मातरम् का गायन करना होगा।

अब तक वंदे मातरम् का केवल पहला हिस्सा ही गाया जाता था, लेकिन अब सरकार ने पूरे 6 छंदों को अनिवार्य किया है। मुस्लिम समुदाय के कुछ नेताओं का तर्क है कि बाद के छंदों में मातृभूमि की वंदना जिस स्वरूप में की गई है, वह उनके मजहबी सिद्धांतों (एकेश्वरवाद) के खिलाफ है।

 

 

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