छत्तीसगढ़ में पहली बार पुलिसकर्मियों को बिना प्रीमियम बीमा, गौ-तस्करी के 19 अरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट

उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में गृह और जेल विभाग के कामकाज को लेकर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद से पुलिस, न्याय और जेल व्यवस्था को आधुनिक और सरल बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। शर्मा ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत ICJS सिस्टम लागू कर पुलिस, कोर्ट और जेल को एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। दुर्ग और बिलासपुर को पायलट मॉडल जिला बनाया गया है, जहां ई-साक्ष्य से जांच तेज हुई है। पुलिसकर्मियों को पहली बार बिना प्रीमियम बीमा सुविधा दी गई है। जिसमें अब तक 15 शहीद जवानों के परिवारों को 16 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद मिली है। सरकार ने अवैध प्रवासियों, धर्मांतरण, गौ-तस्करी, नशा कारोबार और साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई की है। वहीं नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च 2026 का लक्ष्य तय किया गया है।

इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। साथ ही जेल सुधार, नक्सल पुनर्वास और साइबर सुरक्षा को लेकर भी राज्य में कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया मेन स्ट्रीम में लौट रहे नक्सलियों को मोबाइल भी दिया जा रहा है। शर्मा ने आगे कहा कि सरकार मोबाइल दे रही है ताकि वहां के युवा भी रील बनाकर अपनी बात रख सकें। बाहरी दुनिया से कनेक्ट हो सकें।

विजय शर्मा ने बताया कि ICJS (इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) के अंतर्गत पुलिस, अभियोजन, फॉरेंसिक, जेल और न्यायालय-इन पांचों स्तंभों को एकीकृत करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। दुर्ग और बिलासपुर को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया गया है। ई-साक्ष्य प्रणाली लागू होने से जांच में आने वाली दिक्कतें दूर हुई हैं और सबूत तत्काल उपलब्ध हो रहे हैं।

मंत्री शर्मा ने बताया कि पुलिस कर्मियों के लिए पहले कोई बीमा व्यवस्था नहीं थी। अब 8 बैंकों के साथ MOU कर बिना प्रीमियम सैलरी अकाउंट बीमा सुविधा दी जा रही है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मिल रहा है। अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि दी जा चुकी है।

पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखी जाती थी, जिससे जांच में देरी होती थी। अब राज्य की नई पहल के तहत क्राइम रिव्यू एप्लिकेशन से पूरे प्रदेश की FIR की निगरानी, समीक्षा और विश्लेषण किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से समय-सीमा में जांच की नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन कंप्लेंट मैनेजमेंट पोर्टल शुरू किया गया है। पहले शिकायतें डाक से भेजी जाती थी अब ऑनलाइन प्रणाली से समय और संसाधनों की बचत त्वरित निराकरण से पीड़ितों को राहत है। इससे पुलिस की छवि में सुधार में हुआ है।

मंत्री ने बताया अवैध प्रवासियों के खिलाफ टोल-फ्री नंबर और विशेष टास्क फोर्स बनाया गया है। 4 लोगों को देश से निष्कासित किया गया है। होल्डिंग सेंटर की व्यवस्था भी गई है। धर्मांतरण मामलों में पिछले 2 वर्षों में, राज्य गठन के 23 वर्षों की तुलना में दोगुने प्रकरण दर्ज हुए हैं। इसी तरह गौवंश वध और तस्करी में 142 वाहन राजसात हुए, 27 वाहनों की नीलामी की गई। और 19 आदतन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है।

NDPS एक्ट के तहत नशा कारोबारियों की संपत्ति जब्ती और नीलामी की कार्रवाई की गई है। गांजा, नशीली दवाइयों, MDMA, हेरोइन, ब्राउन शुगर, डोडा का नष्टीकरण हुआ है। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खाते सीज किए गए हैं। फर्जी सिम जारी करने वाले 165 POS संचालक गिरफ्तार हुए हैं। पहली बार 255 अवैध ऑनलाइन गैम्बलिंग लिंक और पोर्टल ब्लॉक हुए हैं और 9 जिलों में साइबर थानों का संचालन शुरू किया गया है। पुनर्वासित नक्सलियों के लिए आजीविका प्रशिक्षण, योजनाओं का लाभ, 5G मोबाइल और शैक्षणिक भ्रमण की व्यवस्था की गई है। जेलों में बंद नक्सलियों को पैरोल पर पुनर्वास केंद्र भ्रमण कराया जाता है। अविवाहित पुनर्वासित युवाओं का सामूहिक विवाह भी सरकार करा रही है।

 

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