‘पहले की सरकार शोर मचाती थी, हमारी सरकार काम…’, दिल्ली में BJP सरकार के एक साल पूरे होने पर बोलीं CM रेखा गुप्ता
दिल्ली में बीजेपी सरकार के एक साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इस दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने एक साल का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक साल में स्वास्थ्य, यमुना सफाई, इन्वेस्टमेंट और शिक्षा जैसी अन्य उपलब्धियों और दिल्ली के बदलाव का वीडियो भी दिखाया गया. रेखा गुप्ता ने कहा, “आज सरकार को 1 साल पूरा हुआ है. 20 फरवरी 2025 में इसी वक्त हम सचिवालय पहुंचे थे और कार्यभार संभाला था. इसलिए सचिवालय में रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं. ये रिपोर्ट कार्ड परिश्रम है. हम दिल्ली को बहानों से विकास की तरफ लेकर आए हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि हमने दिल्ली के वर्क कल्चर को बदला है. पहले की सरकार शोर मचाती थी, हमारी सरकार काम करती है. ‘मैं’ की नहीं ‘हम’ की राजनीति दिल्ली में कर रहे हैं.” दिल्ली सरकार द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट कार्ड के मुताबिक, पिछले एक साल में 30 हजार से ज्यादा लोगों ने आयुष्मान योजना का फायदा लिया है और दिल्ली में 370 नए आरोग्य मंदिर खोले गए हैं. रेखा गुप्ता ने कहा, “रिपोर्ट कार्ड के प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा करूंगी. दिल्ली को 365 दिन एक कदम आगे बढ़ाने के लिए काम किया गया. पहली कैबिनेट में आयुष्मान योजना का फैसला हुआ. आज 30 हजार से ज़्यादा लोगों ने इस योजना का फायदा लिया है.”सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटाइज़ करने और झुग्गीवासियों को पक्के मकान देने का वादा पूरा हुआ है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 365 दिनों में दिल्ली में 370 आरोग्य मंदिर खोले गए हैं. पहली ही कैबिनेट में आयुष्मान योजना लागू करने का फैसला लिया गया था, जिससे अब तक 30 हजार से ज्यादा लोग लाभान्वित हुए हैं. इसके अलावा, दिल्ली में 70 अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है, जहां हर रोज 70 हजार लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन मिलता है. भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए मरीजों का डेटा अब HIMS पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध है और ओपीडी के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा शुरू हो गई है. रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘झुग्गी को मकान’ देने का वादा उनकी सरकार तेजी से पूरा कर रही है. पहले चरण में 13 हजार आधुनिक फ्लैट्स झुग्गी में रहने वाले लोगों को दिए जाएंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली में मजदूरों को सबसे ज्यादा न्यूनतम वेतन मिल रहा है. मजदूर बहनों के बच्चों की देखभाल के लिए दिल्ली में 500 पालना केंद्र खोले गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति की बस्तियों में विकास के लिए 85 करोड़ रुपये के काम मंजूर किए गए हैं.
