अजय चंद्राकर बोले-छत्तीसगढ़ में 2 लाख ड्रग यूजर, 4 लाख गांजा पीने वाले, प्रशासन फेल,  शर्मा बोले- दावा गलत

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने नशीले पदार्थो की अवैध बिक्री का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन को असफल बताया है। जबकि गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रशासन के फेल होने के आरोपों को नकारा है। चंद्राकर ने AIIMS और सामाजिक न्याय मंत्रालय के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के आकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नशीले ड्रग यूजर डेढ़ लाख से 2 लाख हो गई है। जबकि गांजा पीने वाले संख्या 3.8 लाख से 4 लाख है। इसी तरह 10 से 17 साल के 40 हजार से ज्यादा बच्चे और किशोर इन्हेलेंट्स और कफ सिरफ के शिकार हैं। नशे की लत की वजह से मानसिक तनाव के चलते सुसाइड कर रहे हैं। इसमें मृत्यु दर 250 से 300 है। चंद्राकर ने कहा कि प्रशासन इसे रोकने में असफल रहा है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि साल 2026 में (31 जनवरी 2026 तक) कुल 146 प्रकरणों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 2025 में 16 आरोपियों की करीब 13.29 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है। नशीले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाई है। यह कहना गलत है कि प्रशासन फेल रहा है।

भूपेश बघेल ने कहा कि नशा और तस्करी पर ध्यानाकर्षण में चर्चा चल रही थी। तब ही विषय शराब पर भी आ गया। इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा -‘शराब पर चर्चा लंबी है फिर कर लेंगे, शराब पर बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी।” गृहमंत्री विजय शर्मा की इस बात पर ही भूपेश बघेल ने तीखे तेवर में कहा -“सत्र चल रहा है.. कितनी भी लंबी बात हो.. कितनी भी दूर जाएगी..जाने दीजिए.. और चर्चा कराइए।’ इससे पहले प्रश्नकाल में अजय चंद्राकर ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म वर्करों की सुरक्षा और श्रम अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि गिग वर्करों को संगठित श्रमिक माना जाएगा या असंगठित, और तेज डिलीवरी के दबाव में उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जवाब दिया कि फिलहाल गिग वर्करों को न तो संगठित और न ही असंगठित श्रमिक माना गया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत नियम भारत सरकार के अधिनियम के अनुसार लागू होंगे, और राज्य सरकार केंद्र द्वारा अधिसूचित नियमों का पालन करेगी।

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि मैक्सिको में ड्रग तस्कर एलमैंचो के एनकाउंटर के बाद वहां के 12 जिलों में हिंसा भड़क गई है। छत्तीसगढ़ के युवा नशा की चपेट में हैं। रायपुर में हर जगह आसानी से नशीले पदार्थ उपलब्ध है। पुलिस आरक्षक भी इस मामले में पकड़ा गया है।

इसे रोकने में प्रशासन विफल रहा है। कुछ दिनों पहले रायपुर में गांजे की पैकेजिंग करने वालों को पुलिस ने पकड़ा था और उनके पास ऐसे हाईटेक कैमरे थे, जिससे उन्हें पहले ही पता चल जाता था कि पुलिस आने वाली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशीली पदार्थों जैसे चरस, गांजा, ब्राउन शुगर, हेरोइन, अफीम, डोडा, नशीली गोलियां की तस्करी पर लगाम लगाना अब असंभव सा हो गया है, अवैध तस्करी की घटनाऐं बढ़ती ही जा रही हैं। चंद्राकर ने आगे कहा कि प्रदेश में बीते 4 माह में ही कई तस्करी की घटना घटित हुई हैं। 31 जनवरी, 2025 को राजधानी रायपुर व दुर्ग-भिलाई अंतर्गत ही कई पान की दुकाने सूखे नशे से संबंधित गोगो स्मोकिंग कोन, रोलिंग पेपर और परफेक्ट रोल की बिक्री का मामला सामने आया था।

इसके साथ-साथ प्री रोल्ड कोन्स, मंकी किंग, ग्लास बॉन्ग, क्रशर फिल्टर टिप्स फ्लेवर हुक्का कोल, आदि ऑनलाइन बेची जा रही है। बिलासपुर शहर के हर चौक-चौराहे में गांजा, इंजेक्शन, कैप्सूल, सिरप इत्यादि आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में वर्ष 2025 में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के कुल 1288 प्रकरणों में 2342 आरोपियों को गिफ्तार कर उनसे गांजा 16999.7 किग्रा, ब्राउन शुगर 141 ग्राम, अफिम 1259 ग्राम, हेरोईन 2.039 कग्रा, चरस 27.68 ग्राम, कोकिन 23.56 ग्राम, एमडीएमए 70.46 ग्राम, डोडा 1524 किग्रा, हशीश तेल 0.432 किग्रा और 241138 नग अन्य नशीली दवाइयां जब्त किया गया है।

साल 2026 में (31 जनवरी 2026 तक) कुल 146 प्रकरणों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे गांजा 3090 किग्रा, ब्राउन शुगर 8.85 ग्राम, अफिम 277.2 ग्राम, हेरोईन 123.8 ग्राम, डोडा 15. 29 किग्रा, नशीली दवाईयां 59270 नग जब्त किया गया है।

विजय शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने नशीले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाई है। साथ ही 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के लिए 100 नए पदों को मंजूरी दी गई है।