नंदगांव में लठामार होली, हुरियारों पर बरसी प्रेम की लाठियां, श्रद्धालुओं का उमड़ पड़ा हुजूम

मथुरा में बरसाना की लठामार होली के दूसरे दिन फाल्गुन सुदी दशमी को नंदभवन, रंगीली चौक और यशोदा कुंड क्षेत्र रंग, गुलाल, फाग पद और प्रेमपगी लाठियों की वर्षा से सराबोर हो उठा। बरसाना से आईं राधारानी की सखी स्वरूप हुरियारे फगुवा लेने के लिए नंदगांव पहुंचे। यहां समाज गायन के बाद हुरियारिनों ने उन पर प्रेम पगी लाठियां बरसाईं। दोपहर से देर शाम तक चले आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की मौजूदगी में द्वापरकालीन परंपरा एक बार फिर सजीव हो उठी। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण बरसाना में होली खेलने के बाद बिना फगुवा (नेग) दिए नंदगांव लौट आए थे। इसी की स्मृति में बरसाना की गोपियां स्वरूप हुरियारे बृहस्पतिवार को नंदगांव में फगुवा लेने पहुंचे। इस दौरान नंदगांव में लठमार होली का आयोजन किया गया।

बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे से बरसाना से हुरियारों के जत्थों का नंदगांव आगमन शुरू हो गया। सबसे पहले वे यशोदा कुंड पहुंचे, जहां परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया गया। यहां रबड़ी, केसर मिश्रित भांग की ठंडाई और प्रसाद वितरित किया गया। लठमार होली के लिए हुरियारों ने सिर पर पगड़ी बांधी और ढालें संभालीं। यशोदा कुंड से हुरियारों का जत्था नंद के जमाई के जय उद्घोष के साथ नंदभवन की ओर रवाना हुआ। मार्ग में मिलने वाली गोपियों से हंसी ठिठोली करते हुए हुरियारे नंदभवन पहुंचे। भूरे का थोक के लोगों ने छतों से टेसू के फूलों से तैयार प्राकृतिक रंग और गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर हुरियारों का स्वागत किया गया। जगह-जगह फूलों की रंगोलियां सजाई गई।

नंदभवन पहुंचते ही अबीर गुलाल के सतरंगी बादल छा गए। यहां कृष्ण-बलराम के विग्रहों के समक्ष बरसाना और नंदगांव के समाजियों ने समाज गायन किया। फगुआ दे मोहन मतवारे, फगुवा दे आदि का गायन कर नेग मांगा। शाम करीब सवा पांच बजे रंगीली चौक पर हजारों की संख्या में हुरियारे, हुरियारिनें और श्रद्धालु एकत्र हुए। यहां फाग, रसिया और लोकगीतों पर हुरियारे-हुरियारिनों का नृत्य हुआ। समाजियों के संकेत के बाद हुरियारिनों ने हुरियारों पर प्रेमपगी लाठियों की वर्षा शुरू हुई। देरशाम तक चली इस होली को देखने के लिए हजारों लोग साक्षी बने।

लठमार होली पर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की गई और ड्रोन से निगरानी रखी गई। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए।