भारत टी-20 में तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन, न्यूजीलैंड को हराया, लगातार 2 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम
टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का एक विज्ञापन आया। इसमें रोहित कहते नजर आए- ‘टीम इंडिया हिस्ट्री रिपीट भी करेगी और टीम इंडिया हिस्ट्री डिफीट भी करेगी।’ सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर हिस्ट्री रिपीट भी की और हिस्ट्री डिफीट भी की।
रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने 29 जून 2024 को टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। टीम ने बारबाडोस में साउथ अफ्रीका को 7 रन के अंतर से हराया। आज टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्ड कप जीतने का कारनामा 2026 में भी दोहरा दिया।
इस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कप्तानों के साथ हुई। 2007 के टी-20 वर्ल्ड चैंपियन कप्तान एमएस धोनी और 2024 के टी-20 वर्ल्ड चैंपियन कप्तान रोहित शर्मा ट्रॉफी लेकर मैदान में आए।
मैच का टॉस न्यूजीलैंड ने जीता और कप्तान मिचेल सैंटनर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय ओपनर्स ने पावरप्ले के अंदर सैंटनर के फैसले को गलत साबित कर दिया। संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने पावरप्ले के 6 ओवर में बिना नुकसान के 92 रन बना डाले। जो टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे बड़े पावरप्ले स्कोर की बराबरी रही।
भारतीय ओपनर्स ने 98 रन की ओपनिंग साझेदारी की। इसे रचिन रवींद्र ने अभिषेक शर्मा को कैच आउट कराकर तोड़ा। अभिषेक 21 गेंदों में 52 रन बनाकर आउट हो गए। यह टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है।
अभिषेक के आउट होने के बाद ईशान किशन क्रीज पर आए। सैमसन ने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। इस जोड़ी ने 48 बॉल पर 105 रन जोड़े। इसकी मदद से टीम इंडिया का स्कोर 15 ओवर में 200 के पार पहुंच गया।

एक समय लग रहा था कि भारतीय टीम 20 ओवर में 300 रन का आंकड़ा पार कर लेगी। हालाकि, 16वां ओवर लेकर आए जिमी नीशम ने एक ओवर में 3 विकेट लेकर रन रेट पर ब्रेक लगा दिया। उन्होंने पहली बॉल पर संजू सैमसन (89 रन), 5वीं बॉल पर ईशान किशन (54 रन) और आखिरी बॉल पर कप्तान सूर्यकुमार यादव (जीरो) को पवेलियन भेजा। अगली 24 बॉल पर 28 रन ही बने। उसके बाद शिवम दुबे ने 20वें ओवर में 3 चौके और 2 छक्के के सहारे 24 रन बनाए और टीम इंडिया का स्कोर 255 रन पहुंचा दिया। यह टी-20 इंटरनेशनल में फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। 256 रन का टारगेट चेज कर रही न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही। टीम ने पावरप्ले में 52 रन बनाने में 3 विकेट गंवा दिए। फिन एलन (9 रन), रचिन रवींद्र (एक रन) और ग्लेन फिलिप्स (5 रन) जल्दी आउट हो गए। शुरुआती विकेट जल्दी गंवाने के बावजूद ओपनर टिम साइफर्ट ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने 26 बॉल पर 52 रन की पारी भी खेली। उनके अलावा कप्तान मिचेल सैंटनर ने 43 रन बनाए, लेकिन टीम की हार नहीं टाल सके। टीम 19 ओवर में 159 रन पर ऑलआउट हो गई।
फाइनल मुकाबले में 15 रन देकर 4 विकेट लेने वाले जसप्रीत बुमराह प्लेयर ऑफ द मैच रहे। वहीं, 5 मैच में 3 फिफ्टी के सहारे 321 रन बनाने वाले संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
