सब बंद कर दिया… तेल संकट के बीच पाकिस्तान में पाबंदियां, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति पर असर का असर अब पाकिस्तान में भी दिखने लगा है. देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और फ्यूल सप्लाई पर सख्त पाबंदियों की खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. हालात ऐसे हो गए हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पाकिस्तानियों का रोना शुरू हो गया है.रिपोर्ट्स है कि ईरान में जंग की वजह से सप्लाई प्रभावित हो रही है होने और स्टॉक घटने की खबरों के बीच सरकार ने कई इमरजेंसी कदम उठाए हैं.

फ्यूल बचाने के लिए सरकार की ओर से कई सख्त फैसले लिए जाने की चर्चा है. स्कूल-कॉलेज को दो हफ्तों के लिए बंद करने की बात सामने आई है. इसके अलावा कई सरकारी दफ्तरों में 4-डे वीक और 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम लागू करने की चर्चा भी चल रही है. बताया जा रहा है कि सरकारी वाहनों के इस्तेमाल में 60 प्रतिशत तक कटौती, फ्यूल अलाउंस में 50 प्रतिशत कमी और मंत्रियों की सैलरी व विदेशी दौरों पर भी रोक जैसे कदमों पर विचार किया जा रहा है. वहीं कुछ रिपोर्ट में सांसदों की सैलरी में 25 से 50 प्रतिशत कटौती की बात भी कही जा रही है.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट्स में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और लोगों के बीच बहस-झगड़े की बातें भी सामने आ रही हैं. कई यूजर्स पैनिक बाइंग की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ जैसी पाबंदियों की अफवाहें भी शेयर कर रहे हैं.

फ्यूल संकट को लेकर पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स में काफी नाराजगी और निराशा देखने को मिल रही है. कई लोग सरकार और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर तंज कस रहे हैं. कुछ यूजर्स पुराने बयानों को याद करते हुए नेताओं को ट्रोल कररहे हैं. वहीं किसी का कहना था कि पाकिस्तान इतना कम स्टॉक क्यों रखा था. बल्कि उस मुकाबले इंडिया के पास अच्छा खासा स्टॉक है.

वहीं कुछ लोगों ने ये भी सवाल उठाए कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण सरकार को पेट्रोल, एयर कंडीशनर और यहां तक कि कुछ मंत्रालयों तक को बंद करने जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं. दूसरी ओर सेना पर अरबों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और बलूचिस्तान में संसाधनों के दोहन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.