युद्ध के बीच ईरान में ‘Black Rain’ का आतंक! आसमान से क्यों गिर रहा है जहर?
इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के माहौल से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. TOI की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान में लोग उस वक्त सहम गए जब आसमान से सफेद पानी की जगह काली बारिश होने लगी. सड़कों पर खड़ी गाड़ियां और घरों की छतें काली कालिख (Soot) से भर गईं. यह बारिश ऐसी थी कि सड़कों, गाड़ियों और इमारतों पर तेल जैसे काले और चिपचिपे धब्बे पड़ गए थे. शुरुआत में इसे कोई ‘अपशकुन’ कह रहा था, तो कोई इसके पीछे की जो वजह बता रहा है. इसकी पीछे की वजह और भी खतरनाक है.
वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि एक गंभीर वायुमंडलीय घटना है. इसे एटमॉस्फेरिक स्कैवेंजिंग कहा जाता है. वैज्ञानिक बताते हैं कि जब वातावरण में बहुत ज्यादा धुआं, धूल या राख मौजूद होती है तो बारिश के पानी में ये कण मिल जाते हैं. आम तौर पर बारिश का पानी साफ दिखाई देता है, लेकिन जब उसमें कालिख या प्रदूषण मिल जाए तो उसका रंग बदल सकता है. इसी वजह से इसे ‘ब्लैक रेन’ या आम भाषा में काली बारिश कहा जाता है.
दरअसल हाल के दिनों में तेहरान के आसपास तेल से जुड़े कुछ ठिकानों पर आग लगने की खबरें सामने आई थीं. रिपोर्ट के अनुसार, इन आग से आसमान में बड़ी मात्रा में काला धुआं और कालिख फैल गई. जब मौसम बदला और बादल बने तो यह धुआं और राख हवा में तैरते हुए बादलों तक पहुंच गए. इसके बाद जब बारिश हुई तो पानी की बूंदों के साथ वही कालिख और धुएं के कण जमीन पर गिरने लगे. इसी वजह से कई जगहों पर बारिश का रंग गहरा और काला दिखाई दिया.
ऐसी बारिश केवल देखने में अलग नहीं होती, बल्कि यह सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकती है. तेल और ईंधन के जलने से निकलने वाला धुआं कई तरह के हानिकारक तत्वों से भरा होता है. अगर वही कण बारिश के साथ जमीन पर गिरते हैं तो वे हवा, मिट्टी और पानी को भी प्रभावित कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे सांस से जुड़ी दिक्कतें, आंखों में जलन या त्वचा पर असर पड़ने की आशंका भी रहती है.
