‘आर्किमिडीज’ का नियम लगाते ही 30 फीट कुएं से बाहर आ गया हाथी, पर कैसे?
ओडिशा के जंगलों से आई एक खबर ने साबित कर दिया कि अगर सही समय पर सही ज्ञान का इस्तेमाल किया जाए तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है. एक हाथी 30 फीट गहरे कुएं में गिर गया था. इतनी गहराई और हाथी के भारी वजन के कारण उसे क्रेन या रस्सियों के सहारे बाहर निकालना नामुमकिन और खतरनाक था. लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने हार मानने के बजाय स्कूल में पढ़े गए ‘आर्किमिडीज के सिद्धांत’ आजमाने का फैसला किया.
अधिकारियों ने कुएं के पास पंप लगाए और उसमें तेजी से पानी भरना शुरू किया. जैसे-जैसे कुआं भरता गया, पानी के उछाल ने हाथी को ऊपर की तरफ धकेलना शुरू कर दिया. यह नजारा किसी चमत्कार से कम नहीं था, जहां विज्ञान की एक छोटी सी थ्योरी ने हाथी जैसे विशाल जीव की जान बचा ली. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग वन विभाग की इस ‘स्मार्ट वर्किंग’ की खूब तारीफ कर रहे हैं.
हजारों साल पहले यूनान के वैज्ञानिक आर्किमिडीज ने एक नियम खोजा था. सरल शब्दों में कहें तो, जब भी हम किसी वस्तु को पानी में डालते हैं तो पानी उस वस्तु पर ऊपर की तरफ एक दबाव डालता है. इसे ‘उत्प्लावन बल’ कहते हैं. आपने गौर किया होगा कि पानी के अंदर कोई भी भारी चीज हमें हल्की लगने लगती है. ऐसा इसी बल की वजह से होता है. इस ऑपरेशन में चुनौती यह थी कि हाथी बहुत भारी था और कुआं बहुत गहरा. खींचकर निकाले जाने पर चोट लगने का डर था. अफसरों ने दिमाग लगाया कि कुएं को पानी से भर दिया जाए तो पानी की ताकत हाथी के वजन को ऊपर की तरफ धकेलेगी. जैसे ही कुएं में पानी भरा गया, हाथी के शरीर ने जितना पानी हटाया, पानी ने बदले में उसे उतनी ही ताकत से ऊपर की तरफ उछाल दिया. इससे हाथी पानी की सतह पर तैरने लगा और धीरे-धीरे कुएं के मुहाने तक आ गया. वहां से वह खुद चलकर बाहर निकल गया.
इस तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अक्सर जानवरों को चोट लग जाती है या वे बहुत ज्यादा तनाव में आ जाते हैं. लेकिन इस साइंटिफिक तरीके में हाथी को जरा भी शारीरिक चोट नहीं आई. पानी ने उसे एक सुरक्षित कुशन की तरह ऊपर उठाया. यह टेक्नोलॉजी दिखाती है कि फील्ड पर काम करने वाले अधिकारियों के लिए किताबी ज्ञान कितना महत्वपूर्ण हो सकता है.
साइंस केवल लैब तक सीमित नहीं है. यह हर तरफ है. अफसरों की सूझबूझ से न केवल हाथी की जान बची, बल्कि यह भी साबित हुआ कि शांति और बुद्धिमानी से बड़ी मुसीबत का भी हल निकाला जा सकता है.
