महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट, सरसों और रिफाइंड तेल के दामों में भारी उछाल, पाम ऑयल भी ₹15 प्रति लीटर महंगा
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण खाद्य तेलों का आयात प्रभावित होने से इसके दाम पहले से बढ़ गए हैं। थोक बाजार में ही सरसों के तेल में 30 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी हो गई है। रिफाइंड में 30 और पाम आयल भी 15 रुपये प्रति लीटर बढ़े हैं। तेल का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने बताया कि बाजार में माल पीछे से नहीं आ रहा है। सीमित माल है, इसलिए दाम बढ़े हैं। स्थानीय व्यापारी सप्लाई चेन प्रभावित होने से दामों के बढ़ने का कारण बता रहे हैं। हालांकि कोई थोक कारण नहीं बता सका। थोक बाजार में सरसों का तेल 130 रुपये के आसपास चल रहा था। यह 160 रुपये हो गया है। इसी तरह 140 वाला सोया रिफाइंड 170 रुपये प्रति लीटर बढ़ा है। उधर, पाम आयल जो कम बिकता है, उसकी कीमत भी बढ़ गई है।
यह 140 रुपये से बढ़कर सीधे 155 से 160 रुपये प्रति लीटर हो गया है। व्यापारी संतोष कहते हैं कि नई सरसों बाजार में आ रही है। आने वाले चंद दिनों में और आएगी, लेकिन दाम बढ़ने से अन्य चीजों पर भी असर पड़ेगा। महंगाई बढ़ना चिंता का विषय है। फुटकर कारोबारी रमेश गुप्ता बताते हैं कि होली तक जो दाम नहीं बढ़े थे, वह भी अब बढ़ने लगे हैं।
इससे बाजार में खाद्य तेलों की कमी बढ़ गई है। इससे रमजान व नवरात्रि भी इस बार महंगाई में ही मनाना पड़ेगा। वहीं, फुटकर बाजार में तीनों ही तेल में ज्यादा अंतर आने की बात कही जा रही है।
