60 किमी ‘मौत का दल’! अरबों की फौज और पल भर में फसलें चट

क्या आप जानते हैं कि धरती पर सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाली ताकत मात्र कुछ इंच का एक कीड़ा है? हम बात कर रहे हैं रेगिस्तानी टिड्डियों की. हाल ही में आई एक वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, टिड्डियों के झुंड इतने विशाल और विनाशकारी हो सकते हैं कि वे 40 मील (करीब 65 किलोमीटर) के दायरे में फैलकर सूरज की रोशनी तक को रोक देते हैं. इनके झुंड में एक साथ 80 अरब से ज्यादा टिड्डियां शामिल हो सकती हैं. यह कुदरत की सबसे विनाशकारी शक्तियों में से एक है, जो पलक झपकते ही हरे-भरे खेतों को रेगिस्तान में बदल सकती है.

टिड्डियों का एक छोटा सा झुंड भी एक दिन में इतना खाना खा सकता है, जितना 35,000 लोग मिलकर खाते हैं. एक वयस्क टिड्डी हर दिन अपने वजन के बराबर (लगभग 2 ग्राम) ताजा भोजन खाती है. इसका झुंड हवा के साथ एक दिन में 150 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है. अगर ये झुंड किसी कृषि प्रधान देश (जैसे भारत या अफ्रीकी देश) में घुस जाएं, तो चंद घंटों में पूरी फसल बर्बाद कर अकाल जैसी स्थिति पैदा कर सकते हैं.

टिड्डियां आम दिनों में अलग-अलग रहती हैं और ज्यादा नुकसान नहीं करतीं. लेकिन जब मौसम अनुकूल हो जाता है और खाने के लिए भरपूर घास-पौधे मिलते हैं, तो इनकी संख्या तेजी से बढ़ने लगती है. धीरे-धीरे ये एक साथ इकट्ठा होने लगती हैं और फिर बड़े झुंड में उड़ान भरती हैं. कई छोटे झुंड मिलकर इतना बड़ा दल बना लेते हैं कि वह कई किलोमीटर तक फैला दिखाई देता है.

एक बड़े टिड्डी झुंड में करोड़ों नहीं, बल्कि अरबों की संख्या में कीट हो सकते हैं. जब ये झुंड उड़ते हैं तो आसमान का रंग तक बदल जाता है और धूप भी हल्की पड़ जाती है. खेतों के ऊपर से गुजरते समय यह झुंड कुछ ही मिनटों में पूरी फसल को चट कर सकता है.

टिड्डियों का हमला किसानों के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है. ये झुंड खेतों में उतरते ही पौधों की पत्तियां, सब्जियां और अनाज की फसलें तेजी से खा जाते हैं. कई बार कुछ ही घंटों में पूरे खेत खाली हो जाते हैं. इसी वजह से जिन इलाकों में टिड्डी दल पहुंचते हैं, वहां खेती को भारी नुकसान होता है.