ब्रिटेन में सिख लड़कियों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कर रहे ग्रूमिंग गैंग, दिया जा रहा 10 हजार पाउंड का लालच

ब्रिटेन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि यूके में कथित तौर पर ‘कौर-टू-खान’ नाम का एक ट्रेंड चल रहा है, जिसके तहत सिख लड़कियों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यह वीडियो इंग्लैंड में रहने वाले नवदीप सिंह द्वारा शेयर किया गया बताया जा रहा है। वीडियो में युवती का कहना है कि ग्रूमिंग गैंग गैर-मुस्लिम लड़कियों खासकर सिख समुदाय की लड़कियों को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में शामिल लोगों को कथित तौर पर सिख लड़की का धर्म परिवर्तन कराने पर 10 हजार पाउंड (करीब 11 लाख रुपये) तक दिए जाते हैं और अन्य धर्मों की लड़कियों के मामले में यह रकम कम बताई गई है। युवती ने अपने दावों में यह भी बताया कि ये गैंग किस तरह काम करते हैं। सबसे पहले वे ऐसी लड़कियों को तलाशते हैं, जो भावनात्मक रूप से कमजोर हों या परिवार से किसी वजह से दूरी महसूस कर रही हों। इसके बाद आरोपी अपनी पहचान बदलकर या झूठी जानकारी देकर उनसे दोस्ती करते हैं और खुद को अमीर और आधुनिक दिखाते हैं। इसके बाद लड़कियों को महंगे रेस्टोरेंट, मॉल और घूमने की जगहों पर ले जाकर उनका भरोसा जीता जाता है। धीरे-धीरे उन्हें प्यार और शादी के सपने दिखाए जाते हैं, जिससे वे पूरी तरह उन पर विश्वास करने लगती हैं। युवती का दावा है कि बाद में इन लड़कियों को उनके परिवार से दूर किया जाता है और उन्हें मानसिक रूप से इस स्थिति में लाया जाता है कि वे पूरी तरह आरोपियों पर निर्भर हो जाएं।

वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब लड़की पूरी तरह जाल में फंस जाती है, तो उसके साथ शोषण किया जाता है और आपत्तिजनक फोटो या वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया जाता है। इसके बाद शादी या सुरक्षा का हवाला देकर उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता है। हालांकि, युवती ने यह भी साफ किया कि उसका मकसद किसी धर्म या समुदाय को बदनाम करना नहीं है। उसने कहा कि किसी भी धर्म के सभी लोग ऐसे नहीं होते, बल्कि कुछ गलत लोग पूरे समाज की छवि खराब करते हैं।

इस बीच वेस्ट लंदन के हॉन्सलो इलाके से कुछ समय पहले एक मामला सामने आया था, जिसमें एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। आरोप है कि उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से लड़की को छुड़ाया गया, हालांकि इस मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे थे।