गैस संकट-युद्ध के बीच अब फूटा ज्वालामुखी, लेवल-2 का अलर्ट जारी

फिलीपींस में एक बार फिर प्रकृति ने सबको चौंका दिया है. जब पूरी दुनिया अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध, यूक्रेन-रूस युद्ध, गैस-तेल की कीमतों में उछाल और आर्थिक संकट से जूझ रही है, तभी नेग्रोस द्वीप के कैनलॉन ज्वालामुखी ने 15 मार्च 2026 को शाम लगभग 6:07 बजे मॉडरेट एक्सप्लोसिव इरप्शन हो गया. फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वॉल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (PHIVOLCS) ने इस घटना की पुष्टि की है और ज्वालामुखी पर लेवल-2 अलर्ट जारी किया है. यह साल 2026 में कैनलॉन का तीसरा ऐसा मॉडरेट विस्फोट है. इससे पहले 19 फरवरी और 26 फरवरी को भी इसी तरह के इरप्शन दर्ज किए गए थे.

PHIVOLCS के अनुसार, यह विस्फोट दो मिनट तक चला और इससे 2,500 मीटर तक राख का प्लूम ऊपर उठा, जो दक्षिण-पश्चिम दिशा में बह गया. इंसैंडेसेंट बैलिस्टिक्स और पाइरोक्लास्टिक डेंसिटी करंट्स (PDCs) क्रेटर से 2 किलोमीटर के दायरे में देखे गए. मलबा और राख 5 किलोमीटर तक फैल गई, जिससे पूर्वी ढलान पर जंगल में छोटी आग लग गई. टाइम-लैप्स फुटेज में यह साफ दिख रहा है कि लावा और गर्म मटेरियल नीचे की ओर बहकर जंगल को प्रभावित कर रहा है. हालांकि, कोई बड़ा लावा फ्लो या ह्यूमन लॉस रिपोर्ट नहीं हुआ है, लेकिन आसपास के गांवों में राख गिरने से हवाई यात्रा और कृषि प्रभावित हो सकती है.

कैनलॉन ज्वालामुखी नेग्रोस द्वीप पर 2,465 मीटर ऊंचाई पर स्थित है और विसायास क्षेत्र का सबसे एक्टिव ज्वालामुखी माना जाता है. 2024 से ही यह अनरेस्ट में है– जून 2024 में पहला बड़ा इरप्शन हुआ था, उसके बाद दिसंबर 2024, अप्रैल और मई 2025 में भी विस्फोट हुए. 2026 में यह तीसरा है, जो बताता है कि मैग्मा एक्टिविटी जारी है. लेवल-2 अलर्ट का मतलब है मॉडरेट अनरेस्ट, मैग्मा इंट्रूजन की संभावना और अचानक छोटे-मोटे एक्सप्लोसिव इरप्शन का खतरा है. PHIVOLCS ने 4 किलोमीटर के परमानेंट डेंजर जोन (PDZ) में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर रखी है. आसपास के इलाकों में लोग पहले से ही अलर्ट पर हैं. यह घटना ग्लोबल संकट के बीच आई है. दुनिया में गैस और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित है और कई देश एनर्जी क्राइसिस से जूझ रहे हैं. ऐसे में फिलीपींस जैसे देशों में प्राकृतिक आपदा और भी घातक साबित हो सकती है, क्योंकि रिसोर्सेज पहले से सीमित है. हालांकि, PHIVOLCS का कहना है कि फिलहाल बड़े हेजर्डस इरप्शन की आशंका कम है, लेकिन मॉनिटरिंग जारी रहेगी.