रायपुर में होटल की छत से कूदी युवती , GRP ऑफिस परिसर में गिरी, इलाज के दौरान मौत
छत्तीसगढ़ के रायपुर के गंज इलाके में एक होटल की पांचवीं मंजिल से कूदकर युवती ने खुदकुशी कर ली। छत से कूदने के बाद युवती रेलवे एसपी कार्यालय की छत पर गिरी। टिन की छत होने के कारण युवती उससे टकराकर जमीन पर गिरी। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। बताया जाता है कि युवती मानसिक रूप से परेशान थी। वह प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाती भी थी। मिली जानकारी के अनुसार, युवती की पहचान हनी गुप्ता के रूप में हुई है, जो सड्ढू इलाके में अपने पिता और भाई के साथ रहती थी। वह बुधवार सुबह करीब 9:50 बजे स्टेशन रोड स्थित होटल सिद्धी विनायक में आकर ठहरी थी। उसे होटल के रूम नंबर 405 में ठहराया गया था।
दोपहर करीब 3 बजे हनी होटल की पांचवीं मंजिल की छत पर पहुंची और कुछ ही देर बाद वहां से छलांग लगा दी। होटल के समीप ही रेलवे एसपी कार्यालय स्थित है। युवती छलांग लगाने के बाद कार्यालय के टिन शेड पर गिरी, जिससे शेड टूट गया और वह सीधे सिर के बल जमीन पर आ गिरी। इस हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं। कार्यालय के कर्मचारियों ने तुरंत युवती को आंबेडकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हनी गुप्ता लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद जैसी स्थिति से जूझ रही थी, जिसके चलते उसका व्यवहार भी पिछले कुछ समय से असामान्य बताया जा रहा है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए 25 अगस्त 2025 को हैदराबाद में उसका इलाज भी कराया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसे परामर्श और दवाइयां दी गई थीं।
हालांकि कुछ समय तक उसकी स्थिति में सुधार देखा गया, लेकिन बाद में फिर से वह तनावग्रस्त रहने लगी। परिवार के मुताबिक, हनी पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी, जिससे उसकी मानसिक स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हाल के दिनों में वह अधिक चुपचाप रहने लगी थी और सामाजिक रूप से भी खुद को अलग-थलग कर रही थी।
बताया जा रहा है कि 7 मार्च को भी हनी गुप्ता बिना किसी को सूचना दिए अचानक घर से चली गई थी, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला, तो परिवार ने विधानसभा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की और तकनीकी मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास किया। करीब चार दिन बाद, 11 मार्च को हनी इंदौर में मिली, जहां से उसे सकुशल वापस लाया गया। इस घटना ने पहले ही उसके मानसिक तनाव और अस्थिरता को उजागर कर दिया था, जिसे अब इस मामले की जांच में अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
