60 साल में पहली बार अल-अक्सा मस्जिद ईद में बंद, ईरान में बाजार सूने, UAE, कतर और कुवैत में खुले मैदान में नमाज पर रोक
दुनियाभर में आज ईद मनाई जा रही है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच पिछले 22 दिनों से जंग चल रही है। ऐसे में 60 साल में पहली बार इजराइल के यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद को ईद की नमाज के लिए बंद कर दिया गया है। 1967 के अरब-इजराइल युद्ध के बाद पहली बार है, जब अल-अक्सा को पूरी तरह बंद किया गया है। यह मुसलमानों के लिए मक्का और मदीना के बाद तीसरा सबसे पवित्र स्थल है। ईरान में शुक्रवार को ईद मनाया गया। इस मौके पर बाजार वीरान नजर आए। वहीं कतर, UAE और कुवैत जैसे खाड़ी देशों में आज ईद मनाया जा रहा है। जंग की वजह से इन देशों में खुले मैदानों में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई है।
ईरान में इस बार ईद उल फित्र का त्योहार जंग और तनाव के साये में मनाया गया। रमजान खत्म होने के बाद देशभर में लोगों ने मस्जिदों और धार्मिक स्थलों पर नमाज अदा की। युद्ध और हमलों के कारण कई जगहों पर जश्न सादगी से मनाया गया। बाजारों में भी रौनक कम रही और कई दुकानें बंद दिखीं।
28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध के बाद, सुरक्षा कारणों से इजराइली अधिकारियों ने यरुशलम में आम लोगों की एंट्री बंद कर रखी है। सिर्फ वहां रहने वाले लोग या दुकानदार ही अंदर जा सकते हैं।
6 मार्च से वेस्टर्न वॉल, अल-अक्सा मस्जिद और चर्च ऑफ द होली सेपल्कर जैसे सभी धार्मिक स्थल बंद हैं। पूरे देश में भीड़ पर भी पाबंदी है। मस्जिद के अंदर 100 और बाहर 50 लोगों तक ही इकट्ठा होने की अनुमति है।
यरुशलम के पुराने शहर के गेट पर शुक्रवार को ईद-उल-फित्र की नमाज के दौरान सैकड़ों मुस्लिम नमाजियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। नमाजी ‘अल्लाहु अकबर’ और कलमा पढ़ते हुए गेट के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सैकड़ों लोगों को जबरदस्ती हटाया।
UAE में ईद-उल-फितर के मौके पर शुक्रवार से सोमवार तक 4 दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है। पूरे देश में बाजार, मॉल और सार्वजनिक जगहों पर लाइटिंग और सजावट की गई और लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा कड़ी कर दी गई है।
