समुद्र का `धुरंधर` बना ये डॉल्फिन… 20 फीट ऊंची छलांग लगाकर दुनिया को किया हैरान
समंदर की लहरों के बीच से अचानक एक मिसाइल की तरह 250 पाउंड (लगभग 113 किलो) की डॉल्फिन बाहर निकली और उसने गुरुत्वाकर्षण (Gravity) को ठेंगा दिखाते हुए करीब 20 फीट की ऊंचाई तक छलांग लगा दी. यह नजारा मेक्सिको के तट पर देखने को मिला. इस अद्भुत पल को वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर क्रिस्टोफर स्वान ने अपने लेंस में कैद किया है. अब इसे ‘वन्स इन ए लाइफटाइम’ शॉट कहा जा रहा है. देखते ही देखते सोशल मीडिया पर यह तस्वीर आग की तरह फैल रही है. वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर क्रिस्टोफर स्वान ने इस अद्भुत पल को अपने लेंस में कैद किया है. तस्वीर में डॉल्फिन बिल्कुल सीधी खड़ी नजर आ रही है, जैसे वह पानी से निकलकर आसमान को छूना चाहती हो. डॉल्फिन का शरीर पानी की बूंदों से लथपथ है और उसकी मांसपेशियों की ताकत साफ देखी जा सकती है. 20 फीट की यह ऊंचाई एक दोमंजिला इमारत के बराबर है, जो इस जीव की अद्भुत शारीरिक क्षमता को दर्शाती है. इतने भारी शरीर के साथ हवा में इतनी ऊपर जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है. चश्मदीदों का कहना है कि ऐसा लग रहा था, मानो वह डॉल्फिन उड़ना चाह रही हो.
वैज्ञानिकों का मानना है कि डॉल्फिन का इस तरह कूदना सिर्फ ‘मौज-मस्ती’ नहीं हो सकता है. वे इसके पीछे कई गंभीर कारण बताते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अक्सर ऊंची छलांग लगाकर डॉल्फिन दूर तक मछलियों के झुंड का पता लगाती हैं. इसके साथ ही पानी से बाहर निकलकर हवा में जोर से टकराने पर उनके शरीर पर चिपके छोटे समुद्री कीड़े झड़ जाते हैं. पानी पर वापस गिरने की आवाज दूर मौजूद अन्य डॉल्फिनों के लिए एक संदेश का भी काम करती है.
स्पिनर डॉल्फिन अपनी हवा में कलाबाजियों और शरीर को गोल घुमाने के लिए ही जानी जाती हैं. लेकिन 20 फीट की ऊंचाई तक पहुंचना बहुत दुर्लभ माना जाता है. यह छलांग बताती है कि समंदर के नीचे रहने वाले ये जीव कितने शक्तिशाली और फुर्तीले होते हैं. इस तस्वीर ने सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया है. लोग इसे ‘नेचर की इंजीनियरिंग’ का बेहतरीन नमूना बता रहे हैं. यह नजारा हमें याद दिलाता है कि हमारे महासागरों में अभी भी ऐसे कई रहस्य और अद्भुत जीव छिपे हैं, जिन्हें समझना और बचाना बेहद जरूरी है.
इस शानदार शॉट को खींचने वाले फोटोग्राफर ने बताया कि वह घंटों से समुद्र किनारे इस उम्मीद में बैठे थे कि कुछ अलग दिखेगा. उन्होंने कहा, ‘जैसे ही वह पानी से बाहर निकली, मुझे लगा कि वह रुकने वाली नहीं है. वह ऊपर जाती गई और जाती गई. मैंने बस बटन दबाया और इतिहास कैद हो गया.’
