सूटकेस में पैक करके ले जाएं अपना घर, चांद पर बसने की NASA ने कर ली पूरी तैयारी!
क्या आपने कभी सोचा है कि धरती से हजारों किलोमीटर दूर चांद पर भी घर हो सकता है? शायद नहीं! लेकिन नासा ने अब इसे सच करने की दिशा में बड़ी तैयारी कर ली है. नासा के नए प्लान के अनुसार आप अपना घर एक सूटकेस में पैक करके चांद पर जा सकते हैं. सुनने में यह किसी हॉलीवुड फिल्म की कहानी जैसा लग सकता है लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे हकीकत में बदलने के लिए बड़ी तैयारी की है. चांद पर इंसानी बस्तियां बसाने के दशकों पुराने सपने को अब इन्फ्लेटेबल यानी हवा से फूलने वाले घरों के जरिए नासा सच करने जा रहा है.
चांद पर घर बनाने के लिए सबसे बड़ी समस्साय थी धरती से वहां था सामान ले जाने की. इसका समाधान वैज्ञानिकों ने इन्फ्लेटेबल हैबिटेट्स के रूप में निकाला है. ये खास तरह के लचीले लेकिन बहुत ही मजबूत मटेरियल से बने घर होते हैं. इन्हें गुब्बारे की तरह मोड़कर छोटे पैकेट में अंतरिक्ष यान से भेजा जा सकता है और चांद पर पहुंचते ही इनमें हवा भरकर इन्हें बड़ा किया जा सकता है.नासा के मुताबिक ये घर बहुत ही हल्के और जगह के मामले में बहुत बड़े होते हैं जो अंतरिक्ष यात्रा के लिए सबसे बड़ी जरूरत है.
अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि क्या घर बनाने के बाद वहां रहना संभल हो सकता है? इसका जवाब भी नासा ने दिया है. नासा के मुताबिक चांद का वातावरण बहुत ही कठोर है, वहां न हवा है, न ही हानिकारक रेडिएशन से सुरक्षा. वैज्ञानिकों का सुझाव है कि इन इन्फ्लेटेबल घरों को फूलने के बाद लूनर रेगुलेथ यानी चांद की धूल से ढक दिया जाएगा. यह धूल इंसानों को रेडिएशन और अंतरिक्ष से गिरने वाले सूक्ष्म उल्कापिंडों से बचाएगी.
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी यानी ESA और नासा का मानना है कि चांद पर रहने का यह तरीका आने वाले सालों में लाल ग्रह यानी मंगल पर जाने के लिए एक रिहर्सल जैसा होगा. इन घरों में हवा और पानी को रीसायकल करने वाली क्लोज्ड-लूप प्रणाली लगी होगी जिससे अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तक वहां रुक सकेंगे. हालांकि अभी रेडिएशन से लंबी सुरक्षा और घर के अंदर हवा का दबाव बनाए रखने जैसी समस्या नासा के सामने बरकरार हैं.
