CG : 67 पुलिसकर्मियों के तबादले, गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में SP का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

गोरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनोज खेलारी के निर्देश पर कुल 67 पुलिसकर्मियों के तबादले की सूची जारी की गई है। इस बदलाव के बाद जिले के कई थानों और चौकियों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जारी आदेश के तहत सुरेश ध्रुव को मरवाही थाना का थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं रामनिवास राठौर को कोटमी चौकी का प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा शनिप रात्रे को साइबर सेल का जिम्मा सौंपा गया है, जिससे जिले में बढ़ते साइबर अपराधों की निगरानी और नियंत्रण को और मजबूत किया जा सकेगा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी इस तबादला आदेश में आरक्षक, प्रधान आरक्षक, उप निरीक्षक सहित विभिन्न रैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है।

यह फेरबदल केवल नियमित प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और क्षेत्रीय स्तर पर बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि नए स्थानों पर पदस्थापना से पुलिसकर्मियों में कार्य के प्रति नई ऊर्जा आएगी और वे अपने दायित्वों को अधिक जिम्मेदारी के साथ निभा सकेंगे। साथ ही, इससे थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली में भी सुधार होगा और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं मिल सकेंगी।

वहीं जांजगीर-चांपा जिले में कानून-व्यवस्था को अधिक मजबूत, चुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने व्यापक फेरबदल करते हुए 106 पुलिसकर्मियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस सूची में उपनिरीक्षक (SI) और सहायक उपनिरीक्षक (ASI) सहित कई कर्मचारी शामिल हैं।

जारी आदेश के मुताबिक, उन पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित किया गया है जो लंबे समय से एक ही थाने या शाखा में पदस्थ थे। करीब तीन वर्षों या उससे अधिक समय से एक ही जगह पर कार्यरत कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि उनकी कार्यप्रणाली में नवीनता आए और प्रशासनिक दक्षता बढ़े। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बने किसी भी प्रकार के प्रभाव, संबंध या दबाव को खत्म करना है, जो निष्पक्ष पुलिसिंग में बाधा बन सकते हैं।