झारखंड के गढ़वा में रामनवमी जुलूस पर पथराव, पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, DIG बोले- ‘दोषी कोई भी हो, बख्शेंगे नहीं’
झारखंड के गढ़वा जिले में रामनवमी की महाअष्टमी पर देर रात ऐसा बवाल हुआ कि पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया. रमकंडा थाना क्षेत्र में जुलूस निकालने के दौरान दो पक्षों के बीच शुरू हुई पत्थरबाजी ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा. दरअसल, बुधवार रात से ही जुलूस के मार्ग को लेकर तनाव बना हुआ था. गुरुवार दिनभर विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस की सुरक्षा में जुलूस निकाला गया था, गुरुवार देर शाम जैसे ही जुलूस कौआखोह शिव चबूतरा के पास पहुंचा, समुदाय विशेष के लोगों ने उसे आगे जाने से रोक दिया. देखते ही देखते मामूली विवाद पत्थरबाजी में बदल गया और दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे.
हालात बेकाबू होते देख डीआईजी कौशल किशोर और एसपी अमन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागे गए. इस हिंसक झड़प में आधा दर्जन पुलिस अधिकारी और जवान चोटिल हुए हैं, जबकि दोनों पक्षों के कई नागरिक भी घायल हैं. घायलों में मिथिलेश कुमार, अनिल कुमार और सचिन कुमार प्रमुख हैं, जिनका इलाज चल रहा है.
Garhwa, Jharkhand: Palamu Division DIG Kaushal Kishore says, “During the Jhanki procession in Ramkanda, a misunderstanding arose between two groups. Due to this, a large number of police personnel have been deployed here. The situation is completely under control…” pic.twitter.com/SWnn2DMcif
— IANS (@ians_india) March 27, 2026
पुलिस ने अब तक इस मामले में एक दर्जन से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है और दर्जनों मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं. विवाद की गंभीरता को देखते हुए रमकंडा थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुंटिया को तत्काल प्रभाव से हटाकर आरके पटेल को नया प्रभार सौंपा गया है. डीआईजी ने सख्त लहजे में कहा है कि झांकी पर पथराव करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
