राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से पश्चिमी यूपी का माहौल गरम, भाकियू कार्यकर्ताओं ने कई थानों का किया घेराव

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत को ओडिशा के भुवनेश्वर में किसानों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया. इस कार्रवाई के विरोध में देर शाम बुलंदशहर के खुर्जा और हापुड़ के विभिन्न थानों में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया. जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह के नेतृत्व में किसानों ने खुर्जा नगर कोतवाली का घेराव कर दही बेचते हुए अपना विरोध दर्ज कराया. संगठन के पदाधिकारियों ने गिरफ्तारी की खबर मिलते ही एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. यह प्रदर्शन किसानों की मांगों को अनसुना करने और तानाशाही पूर्ण कार्रवाई के विरोध में किया गया.

बुलंदशहर के खुर्जा नगर थाने में प्रदर्शन का नजारा बेहद अलग रहा. भाकियू कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ थाने का घेराव किया, बल्कि परिसर के भीतर ही दही बेचकर अपना विरोध जताया. जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने स्पष्ट किया कि 160 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी बात कहने आए किसानों और राकेश टिकैत को गिरफ्तार करना पूरी तरह गलत है. किसानों की मौजूदगी को देखते हुए भारी पुलिस बल अलर्ट मोड पर तैनात रहा.

राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की गूंज हापुड़ जनपद में भी सुनाई दी. खबर फैलते ही भाकियू कार्यकर्ताओं ने हापुड़ देहात, बाबूगढ़, बहादुरगढ़ और सिंभावली जैसे कई थानों का घेराव कर धरना शुरू कर दिया. कार्यकर्ताओं में ओडिशा सरकार की इस कार्रवाई को लेकर भारी गुस्सा है. प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक टिकैत और अन्य किसानों की ससम्मान रिहाई नहीं होती, तब तक थानों पर यह प्रदर्शन जारी रहेगा.

किसान नेताओं ने ओडिशा सरकार की इस कार्रवाई को ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘तानाशाही’ की संज्ञा दी है. भाकियू के अनुसार, राकेश टिकैत भुवनेश्वर में किसानों के धरने में शामिल होने जा रहे थे, तभी उन्हें रोक लिया गया. किसान संगठन की मांग है कि सभी गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा किया जाए और उनकी जायज मांगों को माना जाए. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस घटना को लेकर तनाव और हलचल बनी हुई है.