रायपुर में पाकिस्तानी मूल के युवक को जिंदा दफनाया, 40KM ऑटो में ले गए, गर्लफ्रेंड को परेशान करने पर हत्या
रायपुर में अभनपुर थाना क्षेत्र में एक पाकिस्तानी मूल युवक को उसकी गर्लफ्रेंड को परेशान करने के आरोप में उसके बॉयफ्रेंड और अन्य साथियों ने जिंदा दफना दिया। घटना 16 मार्च की रात को हुई थी, लेकिन लाश 5 दिन बाद 21 मार्च को भरेंगाभाठा गांव के पास मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत सांस नली में मिट्टी भर जाने और गला दबाए जाने के कारण हुई थी। जांच के अनुसार मृतक नितेश बत्रा (29) शदाणी दरबार का निवासी था और रायपुर में ठेकेदारी का काम कर रहा था। आरोपी श्याम सुंदर सोनी की माना में सब्जी दुकान है और उसका अफेयर सावित्री साहू से था। पुलिस का कहना है कि नितेश सावित्री को बार-बार फोन करके परेशान करता था, जिससे विवाद और अंततः हत्या की घटना हुई। विवाद के बाद श्याम सुंदर ने अपने दो कर्मचारियों की मदद से नितेश पर हमला किया। लाठी से सिर पर चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपी उसे अधमरी स्थिति में ऑटो में बिठाकर अभनपुर क्षेत्र के चार थानों—मुजगहन, माना, टिकरापारा और अभनपुर—से होते हुए लगभग 35-40 किलोमीटर दूर भरेंगाभाठा के मुरूम खदान में ले गए। वहां रात के अंधेरे में आरोपी युवक को बाहर उतारकर फिर से पीटा और अंत में जमीन में दफना दिया।
घटना के पांच दिन बाद ग्रामीणों ने सड़क किनारे मुरूम गड्ढे में अज्ञात शव देखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बाहर निकाला। शव का एक हाथ और पैर बाहर दिखाई दे रहा था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से हत्या में शामिल 6 आरोपियों की पहचान की। आरोपी श्याम सुंदर सोनी, सावित्री साहू, सुमित कोसले और दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ऑटो, लकड़ी और अन्य सामान जब्त किया गया। माइकल सैनी नामक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
अभनपुर पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मृतक की मौत गला दबाने और जिंदा दफनाने से हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी जांच में शामिल किया गया है। जिला प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आगे की जांच में घटना के कारणों, आरोपी नेटवर्क और फरार आरोपियों के पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
इस मामले ने रायपुर में सुरक्षा और निगरानी की खामियों को भी उजागर किया है, क्योंकि आरोपी चार थानों से होकर भी पुलिस की नजर में नहीं आए। स्थानीय लोग और सुरक्षा विशेषज्ञ अब पुलिस से मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाए।
