पश्चिम बंगाल में चार सीटों पर नामांकन… सीएम साय का बड़ा दावा – NDA की सरकार बनना तय

पश्चिम बंगाल के एक जिले की चार विधानसभा सीटों पर नामांकन के लिए रवाना होने से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा राजनीतिक दावा किया है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी, एनडीए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है. इसी भरोसे के दम पर उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी इस बार एनडीए सरकार बनने का दावा किया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल के एक जिले की चार विधानसभा सीटों पर नामांकन भरवाने जा रहे पार्टी कार्यकर्ता और नेता पूरी तरह आत्मविश्वास से भरे हुए हैं. उनके मुताबिक, जमीनी स्तर पर भाजपा के पक्ष में माहौल बन चुका है और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है.उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बंगाल की राजनीति में भाजपा अब केवल चुनौती देने वाली पार्टी नहीं, बल्कि सत्ता के केंद्र तक पहुंचने वाली ताकत बन चुकी है.

साय ने अपने बयान में कहा कि देश की जनता का विश्वास भाजपा, एनडीए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर लगातार मजबूत हुआ है. केंद्र सरकार की योजनाओं, विकास मॉडल और मजबूत नेतृत्व का असर अब राज्यों की राजनीति में भी साफ दिखाई दे रहा है.उन्होंने दावा किया कि यही भरोसा पश्चिम बंगाल में भी भाजपा के पक्ष में जनसमर्थन में बदल रहा है, जिसका असर आने वाले चुनावी नतीजों में दिखेगा. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में एनडीए की सरकार बनने जा रही है. उनके इस बयान को भाजपा की चुनावी रणनीति और आत्मविश्वास का बड़ा संकेत माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, बंगाल में भाजपा लगातार अपने संगठन को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने में जुटी हुई है. ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान चुनावी माहौल को और गर्म करने वाला माना जा रहा है.

सीएम साय के इस बयान के बाद बंगाल की सियासत में हलचल तेज हो गई है. भाजपा इसे जनता के बढ़ते समर्थन का संकेत बता रही है, जबकि विपक्ष इस दावे को चुनावी बयानबाजी करार दे सकता है. फिलहाल, चार विधानसभा सीटों पर नामांकन के साथ ही बंगाल की राजनीति में मुकाबला और दिलचस्प होता दिख रहा है.

चार सीटों पर नामांकन से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह बयान साफ संकेत देता है कि भाजपा बंगाल में इस चुनाव को बेहद गंभीरता से लड़ रही है. अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि यह आत्मविश्वास चुनावी नतीजों में कितना बदलता है.