आंधी-तूफान से अभी नहीं राहत, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ढाएगा कहर, दिल्ली-यूपी समेत 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के मुताबिक, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 7 से 9 अप्रैल 2026 के दौरान देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करने वाला है. इस सिस्टम के चलते राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तर मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत में बड़े पैमाने पर ओले गिरने की संभावना है.

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह विक्षोभ भारत के करीब 30-40 प्रतिशत क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इस सप्ताह उत्तर-पश्चिम भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक आ रहे हैं, जिनकी सबसे तेज गतिविधि 7 और 8 अप्रैल को रहेगी. इसके असर से तेज हवाओं के साथ बारिश और कई जगह ओलावृष्टि हो सकती है.

कश्मीर घाटी में 7 अप्रैल को मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है.
राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी में 7 से 9 अप्रैल के बीच भारी ओलावृष्टि और बारिश हो सकती है.
बिहार और झारखंड में 6 से 8 अप्रैल तक छिटपुट ओले पड़ सकते हैं.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल को ओले गिर सकते हैं.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 और 8 अप्रैल को ओले गिरने की संभावना है. जबकि 8-9 अप्रैल को छिटपुट बारिश हो सकती है.
वहीं, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत में 9 अप्रैल तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है.

तापमान में गिरावट

अगले 7 दिनों तक देश के ज्यादातर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास ही रहेगा. जहां गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं बारिश और ओलों के कारण किसानों की परेशानी बढ़ सकती है और कृषि को नुकसान हो सकता है.

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में 6 अप्रैल को मौसम कुछ हद तक साफ रहने की संभावना है. जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है. लेकिन इसके बाद 7 और 8 अप्रैल को फिर से आंशिक बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है.

रबी सीजन की खड़ी फसलों (जैसे गेहूं, सरसों आदि) को भारी बारिश और ओलावृष्टि से बड़ा नुकसान पहुंच सकता है. खासकर बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई इलाकों में ओले पड़ने से किसानों की फसलें चौपट हो सकती हैं. बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ अप्रैल के पहले हफ्ते में असामान्य रूप से एक्टिव है, जिसके चलते पूरे उत्तर और पूर्वी भारत के मौसम में बदलाव हो रहा है.