दिल्ली‑मुंबई में टॉय‑कार से बम ब्लास्ट का था प्लान! दो आतंकी गिरफ्तार, ISIS से प्रभावित 4‑5 नाबालिग रडार पर
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया है. दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और मुंबई एटीएस के संयुक्त ऑपरेशन में दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, जो टॉय‑कार बम के जरिए बड़े हमले की योजना बना रहे थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों कट्टरपंथी संगठनों ISIS और जैश‑ए‑मोहम्मद के संपर्क में थे और ऑनलाइन माध्यम से उन्हें उकसाया गया था. यह कार्रवाई महाराष्ट्र एटीएस और दिल्ली स्पेशल सेल ने मिलकर की. ऑपरेशन मुंबई के कुर्ला और मुंबई के पास स्थित खडवली इलाके में चलाया गया, जहां से दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. आतंकी संगठनों से जुड़े होने के इनपुट मिलने के बाद एजेंसियों ने तेजी से कदम उठाया और संभावित हमले को रोक दिया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोस्साब अहमद उर्फ कलाम (निवासी कल्याण, मुंबई) और मोहम्मद हमाद कॉलरा (निवासी बेस्ट, मुंबई) के रूप में बताई जा रही है. कुछ रिकॉर्ड में इनके अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनका सत्यापन जांच एजेंसियां कर रही हैं. जांच में संकेत मिले हैं कि दोनों ने खिलाफत ग्रुप और सोल्जर्स ऑफ प्रॉफिट जैसे कट्टरपंथी ग्रुप जॉइन किए थे. इनके ISIS और जैश‑ए‑मोहम्मद (JEM) से जुड़े लोगों से संपर्क होने की जानकारी भी सामने आई है. दोनों का संबंध एक संदिग्ध संपर्क अबु हुफेजा से भी बताया जा रहा है.
आरोपी बम बनाने की प्रक्रिया सीख रहे थे और टॉय‑कार के जरिए धमाका करने की फिराक में थे. जांच एजेंसियों को आशंका है कि वे भीड़‑भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाना चाहते थे.
मुंबई में 4 से 5 नाबालिगों के भी एजेंसियों के रडार पर होने की बात सामने आई है, जो कथित तौर पर ISIS की विचारधारा से प्रभावित थे. संभावित पैन‑इंडिया मॉड्यूल लिंक को लेकर जांच तेज कर दी गई है, ताकि नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर हो सके. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से कुछ संवेदनशील सामग्री बरामद की गई है. फिलहाल इनकी तकनीकी और फॉरेंसिक जांच चल रही है, ताकि साजिश, संपर्कों और आगे की योजना के ठोस सबूत जुटाए जा सकें.
दोनों संदिग्धों को आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है. स्पेशल सेल अब इनके नेटवर्क, ऑनलाइन कट्टरपंथ, फंडिंग और संभावित सहयोगियों की गहराई से पड़ताल कर रही है. एजेंसियों का कहना है कि यह एक गंभीर और सुनियोजित साजिश थी. समय पर कार्रवाई से बड़ा नुकसान होने से बचा है. मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है.
