भारत में नकली नोटों की आवक रोकने के लिए नेपाल बॉर्डर पर सख्त नजर, करेंसी पहचानने वाली मशीनें लगेंगी
नेपाल के जरिए भारत में नकली नोटों को आने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। नेपाल से सटे भारतीय जिलों में स्थित बैंक शाखाओं में नोट सॉर्टिंग मशीन लगाई जाएगी। यह वह मशीन है जो नकली करेंसी को तुरंत पकड़ लेती है। हाल के दिनों में नेपाल की सीमा से सटे जिलों में नकली भारतीय करेंसी मिलने के कई मामले सामने आए हैं। इन मामलों को देखते हुए बिहार सरकार ने नकली नोटों की पहचान करने वाली मशीनें लगाने का फैसला लिया है।
बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने बैंकों को सॉर्टिंग मशीनें लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह निर्देश राजधानी पटना में पुराने सचिवालय में बुधवार को आयोजित 40वीं राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में दिए। मीणा ने सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए जाने और आम लोगों की सुविधा के लिए अधिक से अधिक करेंसी एक्सचेंज सेंटर शुरू करने के भी निर्देश दिए।
बताया जाता है कि नकली नोट नेपाल और बांग्लादेश से बिहार पहुंचाए जा रहे हैं। हाल ही में इन दोनों पड़ोसी देशों से जाली नोट बिहार में लाकर खपाए जाने के मामले सामने आए हैं। पिछले साल फरवरी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जाली नोट चलाने वाले रैकेट का पता चलने पर राजधानी पटना, पूर्वी चंपारण, भागलपुर, खगड़िया और भोजपुर में छापे मारे थे।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने जानकारी दी है कि अब बैंकों से आने वाले असली और नकली कॉल की पहचान आसानी से हो सकेगी। बैंकों की ओर से किए जाने वाले वास्तविक फोन कॉल के शुरुआती नंबर 1600 होगा। इससे फेक या जंक कॉल की पहचान की ज सकेगी। इसी तरह बैंक या फाइनेंस कंपनी की नकली वेबसाइट की पहचान करने के लिए भी उपाय किए गए हैं। अब बैंकिंग से जुड़ी किसी भी वेबसाइट की लिंक के अंत में डॉट इन (.in) होना जरूरी होगा। इससे नकली बेबसाइट को आसानी से पहचाना जा सकेगा।
नकली नोटों की पहचान करने वाली सॉर्टिंग मशीन एक आधुनिक उपकरण है। यह मशीन नोटों को गिनने के साथ नकली या संदिग्ध नोटों को अलग भी कर देती है। इस मशीन को करेंसी सॉर्टर या एडवांस्ड नोट काउंटिंग मशीन भी कहा जाता है।
