मेरठ में 5 महीने तक बेटी की सड़ती लाश के साथ रहा पिता, बदबू छिपाने के लिए करता था परफ्यूम का इस्तेमाल
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी सनसनीखेज और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। सदर बाजार इलाके के तेली मोहल्ले में एक पिता अपनी जवान बेटी की मौत के बाद उसके शव को दफनाने या जलाने के बजाय 5 महीने तक उसी के साथ एक ही छत के नीचे रहता रहा। जब शुक्रवार शाम रिश्तेदार घर पहुंचे, तब इस भयावह ‘डार्क सीक्रेट’ का खुलासा हुआ। कमरे के भीतर से बेटी का शव नहीं, बल्कि एक कंकाल बरामद हुआ है। यह मामला किसी हॉरर फिल्म की पटकथा जैसा प्रतीत होता है। मूल रूप से बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास ने अपनी बेटी प्रियंका बिस्वास की मौत को दुनिया से छिपाकर रखा और सड़ते हुए शव की दुर्गंध को दबाने के लिए परफ्यूम की दर्जनों बोतलों का सहारा लिया।
घटना का खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार देर शाम उदय भानु बिस्वास के कुछ रिश्तेदार उनसे मिलने तेली मोहल्ले स्थित उनके घर पहुंचे। घर के भीतर कदम रखते ही वहां मौजूद असहनीय दुर्गंध ने उनके होश उड़ा दिए। जब उन्होंने घर की तलाशी ली, तो एक कमरे में प्रियंका का शव पड़ा मिला। 5 महीने बीत जाने के कारण शव पूरी तरह से गल चुका था और कंकाल में तब्दील हो गया था।
खबर फैलते ही इलाके में सनसनी मच गई और सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और पिता उदय भानु को पकड़ लिया। मौके पर पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिसकर्मियों की मानें तो मंजर इतना भयावह था कि उसे देख पाना भी मुश्किल था। प्रियंका की मौत लगभग 150 दिन पहले हो चुकी थी।
पुलिस को तलाशी के दौरान घर के भीतर से परफ्यूम की खाली और भरी हुई कई बोतलें मिली हैं। पूछताछ में सामने आया कि जब शव सड़ने लगा और उससे भयंकर बदबू आने लगी, तो उदय भानु ने इसे बाहरी दुनिया से छिपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। वह दिन-रात कमरे और शव पर इत्र छिड़कता था ताकि पड़ोसियों को शक न हो। 5 महीने तक वह इसी गंध और कंकाल के बीच खाना खाता और सोता रहा।
सूचना मिलते ही सदर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने शव के अवशेषों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (मोर्चरी) के लिए भेज दिया है। उदय भानु बिस्वास को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया है, जहाँ उनसे सघन पूछताछ की जा रही है।
एक पिता ने अपनी बेटी के शव को 5 महीने तक घर में क्यों रखा? क्या वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है या इसके पीछे कोई तांत्रिक अनुष्ठान जैसी वजह है? इतने महीनों तक पड़ोसियों को इस सड़न की भनक क्यों नहीं लगी?
मेरठ का यह ‘हाउस ऑफ हॉरर’ केस अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि प्रियंका की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी। फिलहाल, पुलिस इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
