नाबालिग को डेढ़ लाख में MP में बेचा, 37 साल के युवक से करवाई शादी, देह व्यापार में धकेला, 5 अरेस्ट
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की एक नाबालिग लड़की को डेढ़ लाख रुपए में बेच दिया गया। 17 साल की लड़की अपने पिता की डांट से परेशान होकर निकली थी, तभी एक अन्य नाबालिग लड़की उसे जॉब का लालच देकर अपने साथ ले गई और अपने गिरोह के लोगों से मिलवाया। मध्य प्रदेश का एक 37 साल का लड़का, जिसकी शादी नहीं हो रही थी, उसने डेढ़ लाख में सौदा कर नाबालिग से शादी की। बाद में लड़की किसी तरह भागकर रायगढ़ लौटी। लेकिन यहां भी नाबालिग को अलग-अलग लोगों के पास भेजकर देह व्यापार करवाया गया। मामला कोतरारोड थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने खरीदार समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
दरअसल, पीड़िता ने 11 अप्रैल को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि पिता आए दिन डांट फटकार करते थे। 26 नवंबर 2025 को वह गांव के मैदान में थी, तभी परिचित लड़की चमेली (परिवर्तित नाम) उसे रायगढ़ काम दिलाने के बहाने से रायगढ़ ले आई। महादेव मंदिर के पास उसने अपने गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलवाया। उन्होंने काम दिलाने का भरोसा दिलाया और दूसरे दिन नाबालिग को मध्य प्रदेश के सागर ले गए, जहां सुनील दीक्षित (37) से डेढ़ लाख रुपए में सौदा तय किया गया। सुनील की लंबे समय से शादी नहीं हो रही थी। आरोपियों ने पैसे लिए और नाबालिग की उससे शादी करा दी। इसके बाद सभी रायगढ़ वापस लौट आए। वहीं सुनील नाबालिग से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने लगा। इससे परेशान नाबालिग मौका देखकर ट्रेन के जरिए रागयढ़ पहुंची, लेकिन वह पिता के डर से घर नहीं गई।
इसके बाद नाबालिग फिर उसी चमेली से मिली, जिसने साल भर पहले जॉब का लालच दिया था, उसने अपने पास रखने का भरोसा दिया। बाद में उसने उसे देह व्यापार में धकेल दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 6 पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया।
पीड़िता का बयान दर्ज किया। साथ ही उसका मेडिकल करवाया गया। पुलिस ने जांच में तेज करते हुए आरोपी नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि सुनील से मिली रकम को उन्होंने आपस में बांट लिया था।
इसके बाद आरोपी सुनील की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सागर रवाना हुई, जिसे भी 13 अप्रैल को छतरपुर से गिरफ्तार कर रायगढ़ लाया गया। इसी तरह अन्य आरोपियों को भी अरेस्ट किया गया। सभी आरोपियों को 15 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से नाबालिग बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है, जबकि बाकी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
