कैलिफोर्निया का यह पेड़ है जंगल का नेचुरल AC, खूबियां कर देंगी हैरान

धरती पर जब भी सबसे वजनी जीव की बात होती है, तो ब्लू व्हेल का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन कैलिफोर्निया का एक पेड़ इस दावे को भी छोटा कर दे रहा है. जनरल शर्मन नाम का एक पेड़ 14 ब्लू व्हेल्स से भी ज्यादा वजनी है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात इसकी बनावट है. इतना वजनी होने के बाद भी इसकी जड़ें मात्र 6 फीट गहरी हैं. जब भी कभी हम दुनिया के सबसे भारी जीव के बारे में सोचते हैं तो दिमाग में सबसे पहले ब्लू व्हेल का नाम आता है. लेकिन आपसे कहा जाए कि ब्लू व्हेल से भी ज्यादा वजनी कोई पेड़ हो सकता है? तो शायद ही आपको भरोसा हो, लेकिन एक ऐसा पेड़ है जो 1-2 नहीं बल्कि 12-14 ब्लू व्हेह के बराबर वजनी है. अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित सेक्वाइया नेशनल पार्क में यह पेड़ है जो वनस्पति विज्ञान यानी बॉटनी के सारे पैमानों को छोटा साबित कर देता है. कैलिफोर्निया में स्थित सेक्वाइया नेशनल पार्क में मौजूद इस विशाल पेड़ का नाम जनरल शर्मन है. नेशनल पार्क सर्विस के डेटा के मुताबिक, जनरल शर्मन पेड़ के सिर्फ तने का ही आयतन ही 52,500 क्यूबिक फीट है. अगर इसकी टहनियों और जड़ों के वजन को भी शामिल कर लिया जाए, तो इसका कुल वजन करीब 2,100 टन तक पहुंच जाता है. एक औसत ब्लू व्हेल का वजन 150 से 190 टन होता है, इस लिहाज से यह अकेला पेड़ एक दर्जन से ज्यादा व्हेल्स से भारी है.

ज्यादातर इस प्रजाति के पेड़ एक समय के बाद बढ़ना बंद कर देते हैं, लेकिन सेक्वाइया के साथ ऐसा नहीं हुआ है. यह अपनी पूरी जिंदगी जो करीब 3,000 साल तक हो सकती है, तक बढ़ सकता है. वैज्ञानिकों ने पाया कि इसकी छाल में टैनिन नाम का केमिकल बहुत ज्यादा है. यह केमिकल इसे कीड़ों के हमले, सड़न और यहां तक कि आग से भी बचाता है. यही कारण है कि यह पेड़ सदियों तक जीवित रहकर भी भारी मात्रा में कार्बन सोखता रहता है.सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि इतने लाखों किलो वजनी इन पेड़ों की कोई मेन जड़ यानी टैपरूट नहीं होती है. इनकी जड़ें जमीन में मुश्किल से 6 से 12 फीट गहरी होती हैं.

इनकी जड़ें गहराई के बजाय 100 से 150 फीट चौड़ाई में फैली हुई होती हैं. ये जड़ें आसपास के दूसरे सेक्वाइया पेड़ों की जड़ों के साथ गुंथ जाती हैं. यह एक अंडरग्राउंड नेटवर्क या चटाई जैसा स्ट्रक्चर बना लेती हैं जो 1,500 टन के इन पेड़ों को गिरने से बचाता है.

US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार ये पेड़ सिर्फ शोपीस नहीं होते हैं, बल्कि चलते-फिरते वाटर प्यूरीफायर और एयर कंडीशनर का भी काम करते हैं. एक मैच्योर सेक्वाइया पेड़ अपनी पत्तियों और हाइड्रोलिक प्रेशर के जरिए हर दिन सैकड़ों गैलन पानी वाष्पित (Evaporate) करता है. इससे न सिर्फ जल चक्र बना रहता है, बल्कि जंगल का तापमान भी नियंत्रित रहता है, जिससे हजारों दूसरे प्रजातियों को जीवन मिलता है.