देवी की मूर्ति के नीचे दफन है अरबों की दौलत?

इतिहास की किताबों में राजा नल और दमयंती की कहानियां तो लगभग हर किसी ने सुनी होंगी, लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास नरवल किले में इन दिनों कुछ अलग ही कहानी चल रही है. नरवल किले की एक ऐसी लोककथा, जिसमें अरबों के सोने और सदियों पुराने शाही खजाने का जिक्र है. कहा जाता है कि यहां की लेटी हुई देवी की प्रतिमा के नीचे राजा की दौलत दफन है. इस दावे को लेकर चौंकाने वाला खुलासा तक हुआ, जब एएसआई संरक्षित क्षेत्र में एक गहरी सुरंग सामने आई.मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास शिवपुरी जिले में स्थित ऐतिहासिक नरवर किले में खजाने की खोज को लेकर हैरान कर देने वाला मामला आया है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI द्वारा संरक्षित इस प्राचीन किले में संदिग्ध शिकारियों ने मां पसार देवी मंदिर के पीछे करीब 20 फीट गहरी सुरंग खोद डाली है. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर के पीछे झाड़ियों से छिपाकर यह खुदाई हुई थी. इस मौके पर पहुंची पुलिस टीम को वहां से खुदाई के औजार, एरोसोल स्प्रे कैन और कंबल मिले हैं. इन सामानों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी कई दिनों से वहां रात के समय में सुरंग खोज रहे थे और दिन में सुरंग को झाड़ियों से ढक दिया करते थे जिससे किसी को शक हो ही ना.

चोरी से इस सुरंग की खुदाई के पीछे की प्रमुख वजह है इस किले के मंदिर को लेकर पुरानी लोककथा है. स्थानीय मान्यता है कि राजा नल ने अपना राज्य हारने के बाद अपने शाही खजाने की सुरक्षा के लिए मां पसार देवी की लेटी हुई मूर्ति को किले के द्वार पर स्थापित किया था. लोगों का मानना है कि इस मूर्ति के ठीक नीचे आज भी राजा का पूरा खजाना दबा हुआ है. खजाने के इस दावे को और भी बल मिलता है देवी की मूर्ती के पास की जगह. मूर्ति के पास एक ऐसी जगह है, जहां सिक्का डालने पर धातु से टकराने जैसी गूंज सुनाई देती है. इसी आवाज ने खजाना होने के संभावना को और बल दिया. पुलिस का मानना है कि सुरंग इसी पॉइंट तक पहुंचने के लिए खोदी जा रही थी.