ACB ने घूसखोर SDM काजल मीणा को रंगे हाथों पकड़ा, 60 हजार रिश्वत के साथ 4 लाख रुपये जब्त
राजस्थान : करौली जिले के नादौती उपखंड में गुरुवार शाम को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घूसखोर उपखंड अधिकारी (एसडीएम) काजल मीणा और उनके दो सहयोगियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है. एसीबी टीम ने परिवादी से भूमि की फाइनल डिक्री जारी करने के बदले 60 हजार रुपये रिश्वत लेते समय तीनों को गिरफ्तार किया. साथ ही आरोपी के पास से 4 लाख रुपये की नकदी भी जब्त की गई है. सवाई माधोपुर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर यह ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया. परिवादी ने शिकायत की थी कि एसडीएम काजल मीणा अपने रीडर दिनेश कुमार सैनी के माध्यम से भूमि डिक्री के एवज में 50 हजार रुपये मांग रही थीं, जिसमें 10 हजार रुपये रीडर के लिए अतिरिक्त थे.
पूर्व में भी परिवादी से एक लाख रुपये मांगे गए थे, जिनमें से 50 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे. गुरुवार को जब रिश्वत की राशि लेने के लिए परिवादी को नादौती उपखंड कार्यालय बुलाया गया, तो एसीबी टीम ने पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर किया. रीडर दिनेश सैनी ने रिश्वत की राशि एसडीएम काजल मीणा के लिए लेने की बात कही. मोबाइल पर बातचीत के दौरान सहमति बनने के बाद वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ रिश्वत की राशि लेकर कार्यालय पहुंचे.
एसीबी टीम ने मौके पर ही 60 हजार रुपये की रिश्वत और उसी बैग में रखे 4 लाख रुपये संदिग्ध नकदी बरामद कर तीनों को डिटेन कर लिया. वर्तमान में एसीबी टीम एसडीएम काजल मीणा, रीडर दिनेश सैनी और वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ से पूछताछ कर रही है तथा उनके ठिकानों की तलाशी ली जा रही है. 4 लाख रुपये के स्रोत का भी पता लगाया जा रहा है.
यह कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी द्वारा की गई. पूरे ऑपरेशन पर एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला का निर्देशन रहा. एसीबी अब इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच करेगी.
